बेनीबाद : शिवदाहा कोचिंग सेंटर पर मैट्रिक परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र- छात्राओं को दी गई विदाई l

बेनीबाद : शिवदाहा कोचिंग सेंटर पर मैट्रिक परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र- छात्राओं को दी गई विदाई
दीपक कुमार। गायघाट 
गायघाट प्रखंड के शिवदाहा 63 स्थित शिशु कल्याण कोचिंग सेन्टर से मैट्रिक के परीक्षार्थियों को भावभीनी विदाई दी गई। संस्थान के प्राचार्य दयाशंकर श्रीवास्तव ने इस अवसर पर बच्चों को संबोधित करते हुए उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उनकी सफलता की कामना की। संस्थान के निदेशक विजय कुमार श्रीवास्तव ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में कई तरह की प्रतिकूल परिस्थितियाँ आती रहती है जिनसे हमें घबराना नहीं चाहिए बल्कि उन्हें चुनौती पूर्वक स्वीकार करते हुए, आत्मविश्वास से हल करना चाहिए,सफलता अवश्य प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह भक्त और भगवान के बीच संबंध होता है, वैसा ही बच्चों और शिक्षकों के बीच भी संबंध होता है।उन्होंने कहा कि परीक्षा में कम अंक आ जाए तो निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह हमारे जीवन का अंतिम परीक्षा नहीं है, हमें और भी बेहतर करने के अवसर मिलेंगे।उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर बच्चे काफी भावुक हो गए, अपने संस्थान और साथियों से अलग होने का अहसास कर उनके आंसू छलक आए। कई बच्चे तो फूट - फूट कर रोने लगे।बच्चों को विदाई में उपहार दिए गए।ज्ञात हो कि मुजफ्फरपुर के गायघाट प्रखंड के शिवदाहा तिरसठ गांव में अवस्थित शिशु कल्याण कोचिंग सेन्टर पिछले 30 वर्षों से अपनी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विख्यात है। मैट्रिक परीक्षा में यहां लगभग सौ प्रतिशत रिजल्ट आता है जो चर्चा का विषय बना हुआ है । इस अवसर पर संस्थान के शिक्षक मोहम्मद निराले, रवि आनंद, चंद्रशेखर राय, अनुज कुमार, शुभम कुमार, दीपू कुमार ने भी बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

रात के अंधेरे में कई थानों में पहुंचे मुजफ्फरपुर SSP कांतेश मिश्रा.. एक थाने में सस्पेंड तो दुसरे थानेदार को... मचा हड़कंप....!!

रात के अंधेरे में कई थानों में पहुंचे मुजफ्फरपुर SSP कांतेश मिश्रा.. एक थाने में सस्पेंड तो दुसरे थानेदार को... मचा हड़कंप....!!
दीपक कुमार। संवाददाता 
मुजफ्फरपुर पुलिस में अब लापरवाही पर नहीं चलेगी ढील.. वर्दी में रहना है तो ड्यूटी में रहना होगा फील!!
मुजफ्फरपुर में एक बार फिर पुलिस महकमे में मचा है हलचल…
क्योंकि इस बार कार्रवाई सीधे वरीय पुलिस अधीक्षक के आदेश पर हुई है!
दिनांक 10 फरवरी 2026 की देर रात, Muzaffarpur के वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश मिश्रा ने अचानक मिठनपुरा थाना का औचक निरीक्षण किया।। निरीक्षण के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने विभाग में हड़कंप मचा दिया। सुरक्षा दृष्टिकोण और शाम में सदर थाना क्षेत्र में घटी घटना को लेकर जारी दिशा-निर्देशों के बावजूद थानाध्यक्ष मिठनपुरा क्षेत्र में सक्रिय नहीं पाए गए।
इतना ही नहीं… निरीक्षण में लंबित कांडों, वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी, CCTNS अपडेट, रात्रि गश्ती और अवैध शराब एवं खनन पर कार्रवाई को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। साफ शब्दों में कहा गया कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी।
इसी कड़ी में कांडों के अनुसंधान में लापरवाही और शिथिलता के आरोप में मनियारी थाना में पदस्थापित पु०अ०नि० कन्हैया कुमार को तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया गया है।
साथ ही सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि आम जनता के साथ शालीन, संवेदनशील और सहयोगात्मक व्यवहार सुनिश्चित करें, और उनकी समस्याओं का त्वरित व पारदर्शी समाधान करें।
यानी साफ है… अब मुजफ्फरपुर पुलिस में काम नहीं, तो कुर्सी भी नहीं!!

बेनीबाद : शिवदाहा बरैल आयान मामले में दोषी पर कार्रवाई और निष्पक्ष जांच हो: समाजसेवी विजय कुमार राय

बेनीबाद : शिवदाहा बरैल आयान मामले में दोषी पर कार्रवाई और निष्पक्ष जांच हो: समाजसेवी विजय कुमार राय 
दीपक कुमार। गायघाट 
प्रशासन से निष्पक्ष जांच करने की अपील, दोषी बचना नहीं चाहिए 
बेनीबाद थाना क्षेत्र के शिवदहा बरेल से 5 दिनों से लापता आयान का शव मिलने के बाद कई सवाल खड़े होने लगे हैं।मामले में पंचायत समिति पति सह समाजसेवी विजय कुमार राय ने बेनीबाद पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच करते हुए दोषी की गिरफ्तारी की मांग किया है। उन्होंने कहा है कि किसी भी सूरत में दोषी व्यक्ति बचना नहीं चाहिए। इसकी जांच किया जाएं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर अभी इंतजार किया जा रहा है। बेनीबाद थाना प्रभारी साकेत सार्दुल ने बताया कि जल्द से जल्द पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ जायेगा। उसमे पता चल जाएगा। बाकी सभी मामलों में जांच जोर शोर से की जा रही है।

नालंदा, छबिला रोड स्थित आर.डी.एच स्कूल के पास S.S.R.L.M धम्मा मल्टी स्पेशियलिटी क्लीनिक एवं हॉस्पिटल का सामूहिक रूप से उद्घाटन किया गया।

राजगीर, नालंदा से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने वाली एक बड़ी पहल सामने आई है। छबिला रोड स्थित आर.डी.एच स्कूल के पास S.S.R.L.M धम्मा मल्टी स्पेशियलिटी क्लीनिक एवं हॉस्पिटल का सामूहिक रूप से उद्घाटन किया गया। इस मौके पर डायरेक्टर निभा कुमारी, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजेंद्र कुमार, डीएसपी ऋषि राज, हॉस्पिटल के संरक्षक अर्जुन सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए संरक्षक अर्जुन सिंह ने कहा कि यह हॉस्पिटल स्वतंत्रता सेनानियों, पूर्व सैनिकों, आर्मी ऑफिसर एवं कर्मचारियों के लिए विशेष सुविधाएं प्रदान करेगा, वहीं आम नागरिकों को भी किफायती और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब नालंदा और राजगीर के लोगों को बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर जाने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि यहां एक ही छत के नीचे सभी प्रकार के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा आधुनिक चिकित्सा सेवाएं दी जाएंगी। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इसे नालंदा जिले के लिए एक ऐतिहासिक और सराहनीय कदम बताया। मुख्य अतिथि के रूप में आए नालंदा हिलसा डीएसपी श्री ऋषि राज जी ने बताया कि राजगीर नालंदा के लोगों के लिए एक अच्छी शुरुआत है और यहां के लोगों को विशेषज्ञ डॉ द्वारा कम खर्च में अच्छा और गुणवतापूर्ण इलाज हो ये अपने आप में बहुत बड़ी उपलब्धि है। इस हॉस्पिटल के मैनेजमेंट को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।ये समाज के लोगों के लिए अच्छा से अच्छा गुणवतापूर्ण इलाज कम खर्च में करे।
वहीं श्री अभिमन्यु बौद्ध ने कहा कि S.S.R.L.M धम्मा मल्टी स्पेशियलिटी क्लीनिक एवं हॉस्पिटल आने वाले समय में जिला और शहर स्तर पर अपने केंद्रों का विस्तार करेगा, जहां आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को निःशुल्क इलाज की सुविधा मिलेगी। इलाज की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए एक अलग से विशेषज्ञ ऑफिसर टीम गठित की जाएगी, जो क्वालिटी से कोई समझौता नहीं करेगी और कम खर्च में बेहतर इलाज सुनिश्चित करेगी। इस संबंध में धम्मा प्रोग्रेसिव इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मेडिकल सलाहकार डॉ. एस. मधुप ने जानकारी देते हुए बताया कि जल्द ही इसकी दूसरी यूनिट औरंगाबाद के खैरा फिरोज में शुरू की जाएगी, जो अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी।

मुजफ्फरपुर, स्वास्थ्य व आईसीडीएस की व्यापक समीक्षा: संस्थागत प्रसव, टीकाकरण और पोषण पर जिलाधिकारी के सख्त निर्देश lमुजफ्फरपुर में स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रशासन की कड़ी नजर, लापरवाही पर कार्रवाई के संकेत l

स्वास्थ्य व आईसीडीएस की व्यापक समीक्षा: संस्थागत प्रसव, टीकाकरण और पोषण पर जिलाधिकारी के सख्त निर्देश l
मुजफ्फरपुर में स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रशासन की कड़ी नजर, लापरवाही पर कार्रवाई के संकेत l
मातृ-शिशु स्वास्थ्य और कुपोषण, फाइलेरिया उन्मूलन को नई गति,
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं एवं महिला-बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग एवं आईसीडीएस की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण उन्मूलन, पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी), फाइलेरिया उन्मूलन अभियान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

ग्रामीण महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर
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समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को सुलभ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रखंड में प्रशिक्षित डॉक्टर एवं नर्स की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए संस्थागत प्रसव की व्यवस्था हर हाल में सुदृढ़ की जाए।
उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तथा प्रसव के दौरान उत्पन्न होने वाली जटिलताओं का समय रहते उपचार संभव बनाता है।
समीक्षा में यह जानकारी दी गई कि दिसंबर माह में जिले में कुल 5834 संस्थागत प्रसव कराए गए। 

पीएचसी से जिला अस्पताल तक सघन निगरानी
जिलाधिकारी ने पीएचसी, सीएचसी से लेकर जिला अस्पताल तक स्वास्थ्य सेवाओं के सभी प्रमुख सूचकांकों की गहन समीक्षा की। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि वे पीएचसी एवं सीएचसी का नियमित साप्ताहिक निरीक्षण करें तथा रोस्टर के अनुसार डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति, नि:शुल्क दवा वितरण, पैथोलॉजी जांच, ओपीडी संचालन एवं स्वच्छता व्यवस्था की नियमित जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
इसके साथ ही मरीजों से फीडबैक लेकर अव्यवस्थित कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए गए। ओपीडी उपलब्धि, सिजेरियन ऑपरेशन, गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, क्षयरोग जांच, एईएस की स्थिति तथा आईसीडीएस योजनाओं की भी समीक्षा की गई।

टीकाकरण में उल्लेखनीय प्रगति, 100% लक्ष्य का निर्देश
टीकाकरण की समीक्षा में पाया गया कि दिसंबर माह में 12,439 के लक्ष्य के विरुद्ध 11,811 बच्चों का टीकाकरण कर 95 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई। वहीं अप्रैल से दिसंबर 2025 तक 1,11,951 लक्ष्य के विरुद्ध 1,05,712 बच्चों का टीकाकरण किया गया।
साहेबगंज, बंदरा, सकरा, औराई, मीनापुर, कांटी, कटरा, मुरौल एवं मुसहरी प्रखंडों में 95 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि दर्ज की गई। जिलाधिकारी ने सभी प्रखंडों को 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश देते हुए कहा कि स्लम एरिया, प्रवासी मजदूरों, रिक्शा चालकों, फुटपाथ पर रहने वाले एवं वंचित परिवारों के बच्चों पर विशेष फोकस किया जाए ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे।
उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि वे अपने बच्चों का संपूर्ण टीकाकरण नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर अवश्य कराएं।

गर्भवती महिलाओं की जांच और पोषण पर सख्ती
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गर्भवती महिलाओं की प्रसव-पूर्व जांच की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने ममता एवं आशा कार्यकर्ताओं को अधिक सक्रिय करते हुए प्रत्येक गांव में गर्भवती महिलाओं की पहचान, नियमित जांच एवं संस्थागत प्रसव के लिए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
आयरन एवं कैल्शियम टैबलेट के सुचारू वितरण के लिए पर्याप्त टीम गठन करने तथा एनीमिया नियंत्रण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

पोषण पुनर्वास केंद्र: कुपोषण उन्मूलन की मजबूत कड़ी
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बैठक में पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की भी विस्तृत समीक्षा की गई। दिसंबर माह में कुल 22 तथा जनवरी में 36 बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराया गया। इस पर जिलाधिकारी ने मोतीपुर, साहेबगंज,पारु, गायघाट, मीनापुर, सकरा के सीडीपीओ को प्रति माह न्यूनतम पांच बच्चों को एनआरसी भेजने का लक्ष्य निर्धारित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि गंभीर तीव्र कुपोषण से पीड़ित बच्चों के उपचार, देखभाल एवं पुनर्वास में एनआरसी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। एनआरसी में 24×7 चिकित्सकीय सुविधा, स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, संक्रमण नियंत्रण, नियमित स्वास्थ्य आकलन, टीकाकरण, दवा एवं पोषण पूरक की शत-प्रतिशत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
साथ ही माताओं को स्तनपान, अनुपूरक आहार एवं घरेलू स्तर पर पौष्टिक भोजन तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया।

स्वस्थ समाज की दिशा में ठोस कदम
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अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी योजनाएं सीधे आमजन के जीवन से जुड़ी हैं। इनका प्रभावी क्रियान्वयन ही स्वस्थ समाज की नींव रखता है। सभी अधिकारी संवेदनशीलता, निष्ठा एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें ताकि मुजफ्फरपुर को स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में एक आदर्श जिला बनाया जा सके।

बैठक में उपस्थित अधिकारी
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बैठक में उप विकास आयुक्त श्री श्रेष्ठ अनुपम, सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, डीपीओ आईसीडीएस, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीपीएम, बीसीएम एवं अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।