मुजफ्फरपुर, स्वास्थ्य व आईसीडीएस की व्यापक समीक्षा: संस्थागत प्रसव, टीकाकरण और पोषण पर जिलाधिकारी के सख्त निर्देश lमुजफ्फरपुर में स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रशासन की कड़ी नजर, लापरवाही पर कार्रवाई के संकेत l

स्वास्थ्य व आईसीडीएस की व्यापक समीक्षा: संस्थागत प्रसव, टीकाकरण और पोषण पर जिलाधिकारी के सख्त निर्देश l
मुजफ्फरपुर में स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रशासन की कड़ी नजर, लापरवाही पर कार्रवाई के संकेत l
मातृ-शिशु स्वास्थ्य और कुपोषण, फाइलेरिया उन्मूलन को नई गति,
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं एवं महिला-बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग एवं आईसीडीएस की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण उन्मूलन, पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी), फाइलेरिया उन्मूलन अभियान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

ग्रामीण महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर
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समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को सुलभ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रखंड में प्रशिक्षित डॉक्टर एवं नर्स की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए संस्थागत प्रसव की व्यवस्था हर हाल में सुदृढ़ की जाए।
उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तथा प्रसव के दौरान उत्पन्न होने वाली जटिलताओं का समय रहते उपचार संभव बनाता है।
समीक्षा में यह जानकारी दी गई कि दिसंबर माह में जिले में कुल 5834 संस्थागत प्रसव कराए गए। 

पीएचसी से जिला अस्पताल तक सघन निगरानी
जिलाधिकारी ने पीएचसी, सीएचसी से लेकर जिला अस्पताल तक स्वास्थ्य सेवाओं के सभी प्रमुख सूचकांकों की गहन समीक्षा की। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि वे पीएचसी एवं सीएचसी का नियमित साप्ताहिक निरीक्षण करें तथा रोस्टर के अनुसार डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति, नि:शुल्क दवा वितरण, पैथोलॉजी जांच, ओपीडी संचालन एवं स्वच्छता व्यवस्था की नियमित जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
इसके साथ ही मरीजों से फीडबैक लेकर अव्यवस्थित कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए गए। ओपीडी उपलब्धि, सिजेरियन ऑपरेशन, गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, क्षयरोग जांच, एईएस की स्थिति तथा आईसीडीएस योजनाओं की भी समीक्षा की गई।

टीकाकरण में उल्लेखनीय प्रगति, 100% लक्ष्य का निर्देश
टीकाकरण की समीक्षा में पाया गया कि दिसंबर माह में 12,439 के लक्ष्य के विरुद्ध 11,811 बच्चों का टीकाकरण कर 95 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की गई। वहीं अप्रैल से दिसंबर 2025 तक 1,11,951 लक्ष्य के विरुद्ध 1,05,712 बच्चों का टीकाकरण किया गया।
साहेबगंज, बंदरा, सकरा, औराई, मीनापुर, कांटी, कटरा, मुरौल एवं मुसहरी प्रखंडों में 95 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि दर्ज की गई। जिलाधिकारी ने सभी प्रखंडों को 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश देते हुए कहा कि स्लम एरिया, प्रवासी मजदूरों, रिक्शा चालकों, फुटपाथ पर रहने वाले एवं वंचित परिवारों के बच्चों पर विशेष फोकस किया जाए ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे।
उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि वे अपने बच्चों का संपूर्ण टीकाकरण नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर अवश्य कराएं।

गर्भवती महिलाओं की जांच और पोषण पर सख्ती
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गर्भवती महिलाओं की प्रसव-पूर्व जांच की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने ममता एवं आशा कार्यकर्ताओं को अधिक सक्रिय करते हुए प्रत्येक गांव में गर्भवती महिलाओं की पहचान, नियमित जांच एवं संस्थागत प्रसव के लिए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
आयरन एवं कैल्शियम टैबलेट के सुचारू वितरण के लिए पर्याप्त टीम गठन करने तथा एनीमिया नियंत्रण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

पोषण पुनर्वास केंद्र: कुपोषण उन्मूलन की मजबूत कड़ी
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बैठक में पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की भी विस्तृत समीक्षा की गई। दिसंबर माह में कुल 22 तथा जनवरी में 36 बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराया गया। इस पर जिलाधिकारी ने मोतीपुर, साहेबगंज,पारु, गायघाट, मीनापुर, सकरा के सीडीपीओ को प्रति माह न्यूनतम पांच बच्चों को एनआरसी भेजने का लक्ष्य निर्धारित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि गंभीर तीव्र कुपोषण से पीड़ित बच्चों के उपचार, देखभाल एवं पुनर्वास में एनआरसी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। एनआरसी में 24×7 चिकित्सकीय सुविधा, स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, संक्रमण नियंत्रण, नियमित स्वास्थ्य आकलन, टीकाकरण, दवा एवं पोषण पूरक की शत-प्रतिशत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
साथ ही माताओं को स्तनपान, अनुपूरक आहार एवं घरेलू स्तर पर पौष्टिक भोजन तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया।

स्वस्थ समाज की दिशा में ठोस कदम
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अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी योजनाएं सीधे आमजन के जीवन से जुड़ी हैं। इनका प्रभावी क्रियान्वयन ही स्वस्थ समाज की नींव रखता है। सभी अधिकारी संवेदनशीलता, निष्ठा एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें ताकि मुजफ्फरपुर को स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में एक आदर्श जिला बनाया जा सके।

बैठक में उपस्थित अधिकारी
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बैठक में उप विकास आयुक्त श्री श्रेष्ठ अनुपम, सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, डीपीओ आईसीडीएस, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीपीएम, बीसीएम एवं अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

“मुजफ्फरपुर बनेगा फाइलेरिया मुक्त: 17 दिनों का सर्वजन दवा सेवन अभियान, 11 फरवरी को राज्यव्यापी मेगा कैंप” “घर-घर दवा, जन-जन की भागीदारी: फाइलेरिया के खिलाफ मुजफ्फरपुर में 2409 टीमें मैदान में” जिला से लेकर प्रखंड स्तरीय अधिकारियों के उन्मुखीकरण हेतु डीएम ने की बैठक तथा मीडिया ब्रीफिंग l

“फाइलेरिया उन्मूलन: 10 फरवरी से मुजफ्फरपुर में 60 लाख लोगों को दवा, स्वस्थ लोगों से भी सेवन की अपील”

 “मुजफ्फरपुर बनेगा फाइलेरिया मुक्त: 17 दिनों का सर्वजन दवा सेवन अभियान, 11 फरवरी को राज्यव्यापी मेगा कैंप” 
 “घर-घर दवा, जन-जन की भागीदारी: फाइलेरिया के खिलाफ मुजफ्फरपुर में 2409 टीमें मैदान में”
 जिला से लेकर प्रखंड स्तरीय अधिकारियों के उन्मुखीकरण हेतु डीएम ने की बैठक तथा मीडिया ब्रीफिंग l
मुजफ्फरपुर जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित सर्वजन दवा सेवन अभियान (एमडीए) की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह अभियान जिले में 10 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक कुल 17 दिनों तक चलाया जाएगा। इस दौरान जिले की लगभग 60 लाख से अधिक लक्षित आबादी को फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाई जाएंगी। अभियान की सफलता को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदत्त दिशा निर्देश एवं मानक के अनुरूप अभियान की सफलता हेतु जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों की संयुक्त कार्यशाला का आयोजन समाहरणालय सभागार की गई तथा मीडिया ब्रीफिंग कर उनका उन्मुखीकरण किया गया। जिलाधिकारी ने जिलेवासियों से अपील की है कि स्वस्थ व्यक्ति भी फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन कर सकते हैं , ताकि संक्रमण की श्रृंखला को पूरी तरह तोड़ा जा सके।

विभागीय समन्वय, व्यापक कार्ययोजना
जिलाधिकारी ने अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से समाहरणालय सभागार में शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस तथा जीविका के जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों के साथ कार्यशाला का आयोजन कर उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित सभी दिशा-निर्देशों, मानकों, संसाधनों एवं सावधानियों से अवगत कराया गया । सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया है, ताकि अभियान का लाभ शत-प्रतिशत लक्षित आबादी तक पहुंच सके।

60 लाख के लक्ष्य के साथ 2409 टीमें रहेगी एक्टिव
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जिलाधिकारी श्री सेन ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिले में की गई सभी आवश्यक तैयारी से अवगत कराया। जिले में 2409 दवा सेवन टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों में 3571 आशा कार्यकर्ता, 1294 आंगनबाड़ी सेविकाएं एवं अन्य स्वयंसेवक शामिल हैं। इनके कार्यों की निगरानी के लिए 227 पर्यवेक्षकों की भी तैनाती की गई है। सभी टीमों को आवश्यक प्रशिक्षण, दवाएं एवं डोज पोल उपलब्ध करा दिए गए हैं।
-11 फरवरी को राज्यव्यापी मेगा कैंप
-एक्शन प्लान तैयार, डीईओ, डीपीओ आईसीडीएस, डीपीएम जीविका एवं सिविल सर्जन को अधीनस्थों के साथ मीटिंग कर नियमित अनुश्रवण का टास्क
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अभियान के तहत 11 फरवरी 2026 को राज्यव्यापी मेगा कैंप का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर जिले के सभी गांवों और शहरी क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों पर विशेष बूथ लगाए जाएंगे। इसके लिए विस्तृत माइक्रोप्लान तैयार किया गया है।
मेगा कैंप के दौरान जीविका स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपने परिवार एवं आसपास के लोगों के साथ बूथ पर पहुंचकर फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन करेंगी और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगी। आईसीडीएस, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सक्रिय एवं तत्पर होकर लोगों को जागरुक एवं प्रेरित करने का निर्देश दिया गया है। इस रणनीति के तहत जिला शिक्षा पदाधिकारी को सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर इस अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी देने तथा आपसी समन्वय से सफल बनाने का निर्देश दिया। साथ ही जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आईसीडीएस को भी सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के साथ तथा जिला परियोजना प्रबंधक जीविका को प्रखंड परियोजना प्रबंधक के साथ बैठक कर जीविका दीदियों को इस अभियान से जोड़ने तथा घर-घर जागरूकता अभियान चलाकर सरकार की इस महत्वाकांक्षी अभियान को सफल बनाने का निर्देश दिया। प्रत्येक बूथ पर 400 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

दो चरणों में चलेगा दवा सेवन अभियान
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कार्यशाला के दौरान सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार ने अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि दवा सेवन की प्रक्रिया को दो चरणों में विभाजित किया गया है।

प्रथम चरण (10 फरवरी से 24 फरवरी) : इस दौरान स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाएंगी।

द्वितीय चरण (25 फरवरी से 27 फरवरी) : इस चरण में स्कूल, कॉलेज, कार्यालय, फैक्ट्री, ईंट भट्ठा, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर विशेष बूथ लगाकर दवा खिलाई जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कटरा प्रखंड को छोड़कर जिले के सभी प्रखंडों एवं शहरी क्षेत्रों में यह अभियान संचालित किया जाएगा।

तीन प्रकार की दवाएं, आयु व ऊंचाई के अनुसार खुराक
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभियान के तहत अल्बेंडाजोल, डीईसी (डायइथाइल कार्बामाजीन) एवं आइवरमेक्टिन दवाएं दी जाएंगी।
-अल्बेंडाजोल : 2 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों को 1 गोली।
-डीईसी :
2 से 5 वर्ष – 1 गोली
-6 से 14 वर्ष – 2 गोलियां
-15 वर्ष से अधिक – 3 गोलियां
-आइवरमेक्टिन : व्यक्ति की ऊंचाई के अनुसार 1 से 4 गोलियां, जिसके लिए टीमों को डोज पोल उपलब्ध कराया गया है।

एहतियाती उपायों का सख्ती से पालन जरूरी
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स्वास्थ्य विभाग ने दवा सेवन के दौरान सावधानियों पर विशेष जोर दिया है। -दवा कभी भी खाली पेट नहीं लेने की अपील की गई है।
साथ ही,
-2 वर्ष से कम उम्र के बच्चे,
-गर्भवती महिलाएं,
-गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति,
-प्रसव के एक सप्ताह के भीतर की महिलाएं
को यह दवा नहीं दी जाएगी।
ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सदर अस्पताल, मुजफ्फरपुर में विशेष रैपिड रिस्पांस टीम तैनात रहेगी।

जनभागीदारी से ही संभव है फाइलेरिया उन्मूलन
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कार्यशाला के दौरान अवगत कराया गया कि एएनएम, अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रियता एवं आम जनता की भागीदारी से जमीनी स्तर पर इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सरकारी कर्मियों के सहयोग से दवा सेवन करने की अपील की गई।

जिलाधिकारी ने अंत में कहा कि फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से मुक्ति के लिए यह अभियान एक सामूहिक प्रयास है और जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका अहम है।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्रेष्ठ अनुपम, सिविल सर्जन डॉ अजय कुमार, एसीएमओ डॉ. ज्ञानेंदु शेखर, डब्ल्यूएचओ की रीजनल कोऑर्डिनेटर डॉ. माधुरी देवराजू, जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री अरविंद कुमार सिन्हा , डीपीओ आईसीडीएस श्रीमती कंचन कुमारी सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद थे।

भव्य विज्ञान, कला व शिल्प प्रदर्शनी में उमड़ा जनसैलाब, अतिथियों ने किया आयोजन का ऐतिहासिक उद्घाटन l

भव्य विज्ञान, कला व शिल्प प्रदर्शनी में उमड़ा जनसैलाब, अतिथियों ने किया आयोजन का ऐतिहासिक उद्घाटन l
*मौर्य ध्वज एक्सप्रेस मुजफ्फरपुर*
मुजफ्फरपुर के शेरपुर स्थित ज्ञान दीप सेंट्रल स्कूल में आयोजित Science, Art & Craft Exhibition-cum-Fete का भव्य शुभारंभ रविवार को किया गया, जहाँ कार्यक्रम का उद्घाटन फीता काटकर किया गया और अतिथियों का पारंपरिक रूप से अंगवस्त्र व स्मृति-चिन्ह (मोमेंटो) भेंट कर भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए मुख्य अतिथि विधायक बेबी कुमारी, जिला महापौर निर्मला साहू, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित पुष्पा मैम, भावना स्वाती, संतोष कुमार साह, नरेश प्रसाद (मुखिया) एवं नंदन कुमार झा (सरपंच) विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रदर्शनी में छात्रों द्वारा निर्मित विज्ञान मॉडलों जैसे न्यूटन डिस्क, रोबोटिक कार, भूकंप अलार्म, नदी स्वच्छता मॉडल, माइक्रोस्कोप के साथ-साथ कला एवं शिल्प की आकर्षक प्रस्तुतियाँ, बुद्ध के जीवन पर आधारित कलाकृतियाँ और रचनात्मक स्टॉल्स ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम में बच्चों की प्रतिभा, नवाचार और सृजनशीलता की सराहना करते हुए अतिथियों ने विद्यालय परिवार को इस प्रेरणादायक आयोजन के लिए शुभकामनाएँ दीं और इसे शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरक पहल बताया।

गायघाट विधायक ने गायघाट और बंदरा स्वास्थ केंद्र में महिला डॉक्टर की मांग विधानसभा में उठाया।प्रसव के दौरान पीड़ितों को निशुल्क भोजन की व्यवस्था पर शुरु की जाएं l

गायघाट विधायक ने गायघाट और बंदरा स्वास्थ केंद्र में महिला डॉक्टर की मांग विधानसभा में उठाया।
प्रसव के दौरान पीड़ितों को निशुल्क भोजन की व्यवस्था पर शुरु की जाएं l 
दीपक कुमार। गायघाट
सोमवार को गायघाट विधायक कोमल सिंह ने विधानसभा में गायघाट स्वास्थ केन्द्र और बंदरा स्वास्थ केन्द्र में महिला डाक्टरों की तैनाती करने की मांग सदन में रखी। उन्होंने कहा है कि प्रसव के दौरान पीड़ितों को निशुल्क भोजन की व्यवस्था कराई जाए। इसको लेकर सदन में विधानसभा अध्यक्ष से अपनी मांग की। बता दे कि बिहार विधानसभा में बजट सत्र का चल रहा है। इस सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से अपना- अपना पक्ष रखा जाएगा। इस सत्र में विधायकों और सांसदों की ओर से कई विभागों के प्रश्न भी पूछे गए। साथ ही इस सत्र में विपक्ष आज कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश करते नजर आए। बताते चलें कि, गायघाट विधानसभा से विधायक कोमल सिंह ने विधानसभा में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कई सवाल उठाए। जानकारी के अनुसार बिहार तकनीकी सेवा आयोग की अनुशंसा के आधार पर 624 विशेषज्ञ डॉक्टर और 575 सामान्य चिकित्सकों की नियुक्ति और पदस्थापना की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा 11,389 स्टाफ नर्स और 3,326 ड्रेसर की नियुक्ति के लिए आयोग को अधियाचना भी भेजी गई है। इन सभी पदों के लिए लिखित परीक्षा हो चुकी है और अनुशंसा मिलते ही पदस्थापना कर दी जाएगी।

2026-27 का बजट वास्तव में अमृत काल का कॉन्फिडेंट और फॉरवर्ड लुकिंग :- केंद्रीय मंत्री राज भूषण चौधरी

2026-27 का बजट वास्तव में अमृत काल का कॉन्फिडेंट और फॉरवर्ड लुकिंग :- केंद्रीय मंत्री राज भूषण चौधरी 
प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि
पूर्वोदय: बिहार और पूर्वी भारत पर विशेष ध्यान
 दिनांक 07-02-26 को भाजपा जिला कार्यालय पूर्वी इमलीचट्टी में बजट 2026-27 पर चर्चा किया गया।
इस प्रेस वार्ता कि अध्यक्षता विवेक कुमार ने किया।इस मौके पर केंद्रीय मंत्री राजभूषण चौधरी ने बजट के बारे में कहा कि यह बजट वास्तव में अमृत काल का कॉन्फिडेंट और फॉरवर्ड लुकिंग बजट है।यह गरीब,किसान,युवा और मध्यम वर्ग के लिए अवसर है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह बजट भारत को विकासशील देश बनाने की दिशा में बढ़िया कदम है । प्रेस को संबोधित करते हुए सांसद सह केंद्रीय मंत्री राजभूषण निषाद ने कहा सौर ऊर्जा, बैटरी का निर्माण और परमाणु ऊर्जा का बढ़ावा सुनिश्चित करता हैं।बिहार और मुजफ्फरपुर के लिए यह बजट इनवेस्टमेंट एवं गवर्नर और इकोनोमिक ट्रांसफर के लिए ऑप्शन लेकर आया है। उन्होंने कहा आज आपलोगो के समक्ष 26- 27 के बजट के मुख्य बिंदु रखने आया हूं, यह केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं है बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को जमीनी स्तर पर साकार करने का स्पष्ट और ठोस कदम है ।उन्होंने कहा राजकोषीय अनुशासन के साथ मजबूत अर्थव्यवस्था एवं मध्यम वर्ग करदाताओं को भी राहत दी गई है ।12 लाख के टैक्स के इनकम पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। सिंपलीफाइड इत्र फॉर्म्स वगैरह में भी राहत दी गई है।साथ ही उन्होंने मुजफ्फरपुर हवाई अड्डा के विषय में भी कहा जल्द ही शहर वासियों को हवाई यात्रा का करने का सौभाग्य प्राप्त होगा।इस मौके पर जिला प्रभारी रमेश श्रीवास्तव पूर्वी जिलाध्यक्ष विवेक कुमार, पश्चिमी जिला अध्यक्ष हरिमोहन चौधरी उपाध्यक्ष अशोक झा महामंत्री मनोज तिवारी, रवि शंकर कुशवाहा मीडिया प्रभारी रंजन ओझा, दीपक शर्मा कार्यालय मंत्री दिलीप कुमार गौतम कुमार , रोहन, कुंदन कुमार जिला के सभी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।