घुड़लो : बेटियों की आवाज़”. यहाँ रेत के हर कण में एक कहानी सोई है,घुड़लो की परंपरा में नारी की लाज रोई है।

घुड़लो : बेटियों की आवाज़”
यहाँ रेत के हर कण में एक कहानी सोई है,
घुड़लो की परंपरा में नारी की लाज रोई है।
साँझ ढ़ले गाँव में दीपों की कतारें जलती हैं,
नन्ही हथेलीं में आशा की ज्योति पलती है।

सिर पे मटकी अंदर दीप बाहर अंधेरा भारी,
कदम-कदम पे चलती हिम्मत बन हर नारी।
इस धरा पर छाया एक काला-सा साया था,
लालच,अन्याय,डर ने मानवता भरमाया था।

मासूमों की आँखों में डर का सागर लहराया,
वीरों ने तलवार उठा अन्याय को दूर भगाया।
जंग तलवारों की नहीं सम्मान की लड़ाई थी,
बेटियों की हँसी पे जान की बाज़ी लगाई थी।

जब ये पर्व आता दिल में वही जज़्बा जगता,
हर गीत 'इतिहास' बोलता दीप अंधेरा हरता।
“घुड़लो घुमेलो जी घुमेला।” गलियों गूँज उठे,
लगता जैसे बीते पल फिर से जीवित हो उठे।

यह सिर्फ़ त्यौहार नहीं ये एक पुकार पुरानी है,
नारी गरिमा की रक्षा हर युग की ये कहानी है।
मिलकर वचन करें हम नहीं अन्याय को सहेंगे,
हर बेटी की हँसी के लिए हम अंधेरों से लड़ेंगे।
(संदर्भ - मारवाड़ में महिलाओं की आजादी का पर्व)
संजय एम तराणेकर
(कवि, लेखक व समीक्षक)
इन्दौर-452011 (मध्य प्रदेश)
(स्व-रचित, मौलिक व अप्रकाशित)
संजय एम. तराणेकर,
(कवि, लेखक व समीक्षक)
इन्दौर-452011 (मध्यप्रदेश)
स्वरदूत : 98260-25986

31 मार्च तक जीवन प्रमाणीकरण अनिवार्य, नहीं कराने पर रुकेगी पेंशन l

31 मार्च तक जीवन प्रमाणीकरण अनिवार्य, नहीं कराने पर रुकेगी पेंशन l
कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से मुफ्त हो रहा प्रमाणीकरण, आधार मैपिंग भी जरूरी l
 प्रशासन ने तेज किया अभियान l
सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के लिए जीवन प्रमाणीकरण को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिले के सभी पेंशनधारियों को 31 मार्च 2026 तक अपना जीवन प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है। यह स्पष्ट किया गया है कि 31 मार्च के बाद केवल उन्हीं पेंशनधारियों को पेंशन का लाभ मिलेगा, जिनका जीवन प्रमाणीकरण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है।
 विदित हो कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत मृत पेंशनधारियों को चिह्नित करते हुए उनका विवरण ई-लाभार्थी पोर्टल के डेटाबेस में अपडेट करने के उद्देश्य से 22 दिसंबर 2025 से ही जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह कार्य कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से पूरी तरह निःशुल्क किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लाभार्थी आसानी से इसका लाभ उठा सकें।

ज्ञातव्य हो कि जिले में कुल 5 लाख 73 हजार 675 पेंशनधारी हैं। इनमें से अब तक 3 लाख 83 हजार 941 पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण किया जा चुका है, जबकि करीब 1 लाख 89 हजार 657 लाभार्थी अब भी शेष हैं। इसके अलावा 12 हजार 946 पेंशनधारियों का आधार मैपिंग भी नहीं हो पाया है, जो पेंशन वितरण में एक बड़ी बाधा बन सकता है।

 जीवन प्रमाणीकरण अभियान को प्राथमिकता दी गई है, ताकि वास्तविक लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित की जा सके और पेंशनधारियों के भुगतान में पारदर्शिता बनी रहे।

सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा श्री अभिषेक कुमार ने सभी पेंशनधारियों एवं उनके परिजनों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर जीवन प्रमाणीकरण करा लें। इसके लिए पेंशनधारी को अपना आधार कार्ड/ बैंक खाता विवरण या लाभार्थी संख्या साथ लेकर जाना होगा। CSC केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
साथ ही जिन लाभार्थियों का आधार मैपिंग नहीं हुआ है, वे अपने संबंधित प्रखंड कार्यालय में प्रखंड विकास पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। जिला स्तर पर सामाजिक सुरक्षा कोषांग के माध्यम से भी आधार सीडिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

इस प्रकार यह अभियान पेंशन व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस संबंध में अधिकारियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक पेंशनधारियों का प्रमाणीकरण सुनिश्चित करें।
ऐसे में पेंशनधारियों के लिए यह आवश्यक हो गया है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते अपना जीवन प्रमाणीकरण पूरा कर लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

मुजफ्फरपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुशहरी का औचक निरीक्षण, एईएस को लेकर सख्त निर्देश जारी l

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुशहरी का औचक निरीक्षण, एईएस को लेकर सख्त निर्देश जारी l
सिविल सर्जन एवं डीपीएम ने वार्ड, लेबर रूम और ओपीडी का लिया जायजा, जागरूकता अभियान चलाने के दिए निर्देश
मुजफ्फरपुर।
मुशहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का आज सिविल सर्जन डॉ सुधीर कुमार एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक रेहान अशरफ ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सीएचसी की विभिन्न स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया गया, जिसमें विशेष रूप से एईएस (चमकी बुखार) वार्ड, लेबर रूम तथा ओपीडी सेवाओं की स्थिति का मूल्यांकन किया गया।
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता तथा चिकित्सा उपकरणों की स्थिति का अवलोकन किया। अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज की प्रक्रिया एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल सके।
लेबर रूम के निरीक्षण के दौरान प्रसव सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया। डीपीएम ने सुनिश्चित करने को कहा कि गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। वहीं, ओपीडी में मरीजों की भीड़, पंजीकरण प्रक्रिया एवं चिकित्सकीय परामर्श की व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने एईएस के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य कर्मियों को अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को समय रहते बीमारी के लक्षणों की जानकारी देना और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित रूप से इस तरह के निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।

महिलाओं को सशक्त कर रहा है जीविका - डीआरडीए डायरेक्टर l

महिलाओं को सशक्त कर रहा है जीविका - डीआरडीए डायरेक्टर l
 अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जीविका और सिडबी द्वारा शहर के एक निजी होटल में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारम्भ डीआरडीए डायरेक्टर अभिजीत चौधरी, डीपीओ मनरेगा अमित कुमार, डीडीएम नाबार्ड सुमन प्रभा , जीएमडीआईसी विजय कुमार और जीविका डीपीएम अनिशा के साथ ही दीदियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डायरेक्टर अभिजीत चौधरी ने कहा कि जीविका के माध्यम से महिलाएं काफी सशक्त हो रही है. सिडबी द्वारा जो भी ऋण दिया जा रहा है इससे व्यवसाय भी उनका बढ़ रहा है. कार्यक्रम के दौरान डीडीएम ने नाबार्ड से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी वहीं उद्योग विभाग के योजनाओं के बारे में जीएम डीआइसी ने जानकारी दी. कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों का स्वागत सहदेव कुमार ने किया. कार्यक्रम में अच्छा कार्य करने वाली दीदियों को सम्मानित भी किया गया. सिडबी द्वारा अतिथियों के माध्यम से तीन दीदियों क़ो व्यवसाय के लिए दो लाख रु का सांकेतिक चेक भी प्रदान किया गया.
 सिडबी के संयोजक सहदेव कुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यमिता को बढ़ावा देने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से SIDBI प्रयास योजना एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभर रही है। यह योजना भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) द्वारा संचालित है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत पंजीकृत क्लस्टर स्तरीय संघों (CLF) के माध्यम से अनौपचारिक सूक्ष्म उद्यमियों को सुलभ और समय पर ऋण उपलब्ध कराना है।
इस परियोजना का मुख्य फोकस ग्रामीण महिलाओं को केवल आजीविका तक सीमित रखने के बजाय उन्हें स्थायी और सफल उद्यमी के रूप में विकसित करना है।
योजना का उद्देश्य
इस योजना का प्रमुख उद्देश्य सूक्ष्म उद्यमियों को व्यवसाय विस्तार के लिए ऋण उपलब्ध कराकर उनकी आय में वृद्धि करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

प्रमुख विशेषताएँ

प्रयास योजना के अंतर्गत:
 • ₹50,000 से ₹2,00,000 तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है
 • ऋण अवधि अधिकतम 36 माह निर्धारित है
 • ब्याज दर 12% प्रतिवर्ष है
 • CLF को 1% प्रोसेसिंग शुल्क एवं पुनर्भुगतान पर 2% कमीशन प्राप्त होता है

CLF और SHG सदस्यों के लिए लाभ

यह योजना क्लस्टर स्तरीय संघों (CLF) के लिए स्थायी आय का स्रोत बन रही है और स्थानीय आजीविका तंत्र को मजबूत कर रही है। वहीं, स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं को:
 • व्यक्तिगत क्रेडिट इतिहास बनाने का अवसर मिलता है
 • डिजिटल और पारदर्शी ऋण प्रक्रिया का लाभ मिलता है
 • SIDBI ब्रांड के तहत विश्वसनीय वित्तीय सहायता प्राप्त होती है

वर्तमान कार्यक्षेत्र और उपलब्धियाँ

वर्तमान में यह योजना पटना, मुजफ्फरपुर, मधुबनी और दरभंगा जिलों के 13 CLF में सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। इसके साथ ही सारण, नालंदा, समस्तीपुर और भागलपुर जिलों में इसके विस्तार की तैयारी चल रही है।

अब तक इस योजना के माध्यम से 990 से अधिक महिला उद्यमियों को ₹12.80 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है, जिससे वे अपने व्यवसाय को गति दे रही हैं और आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।

परियोजना साझेदारी

इस योजना के सफल क्रियान्वयन में कई संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है:
 • ऋण वित्तपोषण: भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक
 • कार्यान्वयन: यूनाइटेड वे मुंबई एवं विमेंस वर्ल्ड बैंकिंग
 • सहयोग: HSBC Foundation
 • जमीनी स्तर पर सहयोग: बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन सोसाइटी (जीविका)

इन सभी संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से लाभार्थियों की पहचान, ऋण वितरण और कार्यक्रम की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा रही है।
 जीविका डीपीएम अनिशा ने कहा कि
प्रयास परियोजना ग्रामीण महिलाओं के लिए एक नई आशा लेकर आई है। यह पहल न केवल उन्हें वित्तीय संसाधनों तक पहुंच प्रदान करती है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देती है। यह योजना महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और सतत आजीविका के अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों को डायरेक्टर ने चमकी बुखार के जागरूकता हेतु शपथ दिलाया.मंच संचालन संचार प्रबंधक राजीव रंजन ने किया. कार्यक्रम के दौरान आनंद शंकर, शिवम सिंह, सुनील कुमार,मोहम्मद अमानुल्लाह,विकास कुमार, मसरूर अहमद,नूरी जमाल, शोभा साव,मोहम्मद कैफ, सुप्रिया कुमारी, शिवांगी कुमारी, प्रणव कुमार सहित नौ प्रखंडों के प्रखंड परियोजना प्रबंधक के साथ सिडबी और जीविका कर्मी उपस्थित रहे.

मुजफ्फरपुर, डीएम ने जिला परिवहन कार्यालय एवं अभिलेखागार का किया निरीक्षण, राजस्व वसूली और सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता पर दिया जोर l

मुजफ्फरपुर, डीएम ने जिला परिवहन कार्यालय एवं अभिलेखागार का किया निरीक्षण, राजस्व वसूली और सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता पर दिया जोर l
जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने मंगलवार को जिला परिवहन कार्यालय एवं अभिलेखागार का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली, राजस्व वसूली, लंबित आवेदनों और आम लोगों को दी जा रही सेवाओं की स्थिति का विस्तृत जायजा लिया। इस दौरान डीएम ने कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए, ताकि सेवाओं को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जा सके।
निरीक्षण के क्रम में डीएम ने कार्यालय के विभिन्न काउंटरों पर जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया या और वहां उपस्थित कर्मियों से कार्य निष्पादन की जानकारी ली। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि सभी कर्मी अपने-अपने काउंटर पर निर्धारित समय तक उपस्थित रहकर कार्य करें, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही कार्यालय में साफ-सफाई और व्यवस्था बनाए रखने का भी निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने राजस्व वसूली की स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया कि जिला परिवहन कार्यालय द्वारा निर्धारित लक्ष्य 29060 लाख रुपये के विरुद्ध 29647.71 लाख रुपये की वसूली की गई है, जो कुल लक्ष्य का 102 प्रतिशत है। इस उपलब्धि पर उन्होंने संतोष जताया, लेकिन आगे भी इसी गति से कार्य जारी रखने का निर्देश दिया।
डीएम ने ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी/डीएल स्मार्ट कार्ड, परमिट और फिटनेस प्रमाणपत्र से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि ड्राइविंग लाइसेंस के लिए 3597 ड्राइविंग टेस्ट लिए गए तथा 1410 फिटनेस प्रमाणपत्र निर्गत किए गए हैं। उन्होंने इन सेवाओं को और तेज एवं पारदर्शी बनाने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लंबित आवेदनों का निष्पादन 15 दिनों के अंदर सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, आवेदकों को अनावश्यक रूप से कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने को कहा गया।
डीएम ने पत्र, संचिका एवं अभिलेखों को अद्यतन रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कार्यालय में आने वाले आम नागरिकों के साथ शिष्ट व्यवहार किया जाए और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।
इस मौके पर जिला परिवहन पदाधिकारी श्री कुमार सत्येंद्र समेत अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।