बिहार, सभी विद्यालयों में अभिभवक-शिक्षक संगोष्ठि का आयोजन सफलता पूर्वक किया गया l

पटना, सुबे के सभी विद्यालयों में अभिभवक-शिक्षक संगोष्ठि का आयोजन सफलता पूर्वक किया गया। इस बार का आयोजन का मुख्य थीम थाः-‘‘ हम और आप मिलकर करेंगे बच्चों का समग्र विकास‘‘ इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैः- बच्चों के समग्र विकास हेतु अभिभावक सहभगिता को प्रोत्साहित करना साथ ही साथ बच्चों की अकादमिक प्रगति को व्यवस्थित रूप से अभिभावकों के साथ साझा करना एवं मोबाईल एवं सोशल मीडिया का विवेकपूर्ण उपयोग कर बच्चों को वास्तविक जीवन की गतिविधियों से जोड़ने हेतु अभिभावकों को प्रेरित करना है। आकड़ों की बात करें तो इस बार कुल 66799 विद्यालयों में 65 प्रतिशत विद्यालयों में सफलतापूर्वक पी0टी0एम0 का आयोजन किया गया । पिछले माह जहाँ पटना से 31 प्रतिशत विद्यालयों में पी0टी0एम0 संबंधी आँकड़ों प्राप्त हुए वहीं जनवरी में बढ़कर यह 67 प्रतिशत हुआ, मधेपुरा दिसंबर 2025 में 26 प्रतिशत लाया वहीं जनवरी 2026 में यह बढ़कर 97.1 प्रतिशत, सहरसा में अभिभावक शिक्षक संगोष्ठि 27 प्रतिशत से बढ़कर 42 प्रतिशत पहुँचा, प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि वर्ग 1 से 5 के अभिभावकों की सहभागिता संगोष्ठि में अधिक पाई जाती है वनिस्पत की वर्ग 6-8 के सबसे अधिक अभिभावक पटना, सीवान और जमुई के विद्यालयों में भाग लिए। जनवरी 2026 में आयोजित अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठि पी0टी0एम0 के दौरान राज्य के विद्यालयों में विशेष उत्साह और सहभागिता देखने को मिली। माननीय शिक्षा मंत्री, बिहार सरकार की अनुशंसा एवं मार्गदर्शन में प्रारंभ किए गए ‘अभिभावक ऑफ द मंथ‘ पुरस्कार ने विद्यालयों और समुदाय के बीच एक सकारात्मक सेतु का कार्य किया। इस पहल के अंतर्गत प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों द्वारा ऐसे जागरूक अभिभवकों को सम्मानित किया गया, जो अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजते हैं तथा घर पर अध्ययन के लिए उन्हें निरंतर सहयोग प्रदान करते हैं।
इसी क्रम में, अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठियों के माध्यम से बच्चों में नियमित विद्यालय उपस्थिति, गृहकार्य की निरंतरता, शैक्षणिक प्रगति के साथ-साथ स्वच्छता एवं अनुशासित आदतों को प्रोत्साहित करने हेतु ‘स्टुडेंट ऑफ द मंथ‘ पुरस्कार प्रदान किए गए। इस प्रयास से छात्रों में आत्मविश्वास, अनुशासन और सीखने के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता हुआ स्पष्ट रूप से देखा गया।
वर्तमान समय में छात्रों में मोबाईल फोन एवं सोशल मीडिया की बढ़ती लत को लेकर माननीय शिक्षा मंत्री की संवेदनशील चिंता भी इस पी0टी0एम0 का एक महत्वपूर्ण केंद्र रही। मंत्री जी के निर्देशानुसार जनवरी 2026 की अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी में शिक्षकों द्वारा बच्चों एवं अभिभावकों के साथ सोशल मीडिया के संभावित लाभों एवं गंभीर दुष्प्रभावों पर सार्थक संवाद किया गया। इस चर्चा के माध्यम से बच्चों को संतुलित, विविकपूर्ण और सीमित उपयोग के प्रति जागरूक किया गया, साथ ही अभिभावकों को भी बच्चों के डिजिटल व्यवहार पर सकारात्मक मार्गदर्शन देने के लिए प्रेरित किया गया।माननीय शिक्षा मंत्री के नेतृत्व में की गई ये पहलें यह स्पष्ट करती हैं कि बिहार सरकार न केवल शैक्षणिक उपलब्धियों पर, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, मूल्यबोध और सुरक्षित भविष्य के निर्माण के प्रति भी पूर्णतः प्रतिबद्ध है। विभिन्न विद्यालयों में विद्यार्थियों द्वारा सोशल मीडिया एवं मोबाईल के अत्यधिक उपयोग से संबंधित नाटक, रोल प्ले, कहानी आदि का मंचन किया गया। निदेशक, प्राथमिक शिक्षा श्री विक्रम विरकर ने बताया कि मई 2025 से लगातार प्रत्येक काह के आखिरी शनिवार को बिहार के प्रारम्भिक विद्यालयों में वार्षिक पी0टी0एम0 कैलेंडर के अनुसार अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठि का आयोजन किया जा रहा है। प्रत्येक संगोष्ठि का एक विशेष थीम निर्धारित है, इसी थीम को केंद्र में रखकर संगोष्ठि आयोजित की जाती है। यह पहल निश्चित रूप से बच्चों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतरराज्यीय युवा विनिमय कार्यक्रम में बक्सर के सुन्दरम कुमार का चयन, हैदराबाद में करेंगे बिहार का प्रतिनिधित्व

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतरराज्यीय युवा विनिमय कार्यक्रम में बक्सर के सुन्दरम कुमार का चयन, हैदराबाद में करेंगे बिहार का प्रतिनिधित्व
बक्सर।
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत संचालित माई भारत / मेरा युवा भारत द्वारा अंतरराज्यीय युवा विनिमय कार्यक्रम का आयोजन 03 फरवरी 2026 से 07 फरवरी 2026 तक तेलंगाना राज्य में किया जा रहा है। यह कार्यक्रम सहकारी प्रशिक्षण संस्थान (सीटीआई), राजेंद्र नगर, हैदराबाद में आयोजित होगा। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में बिहार के बक्सर जिले से युवा समाजसेवी सुन्दरम कुमार का चयन किया गया है, जो जिले के लिए गौरव का विषय है। कार्यक्रम के दौरान सुन्दरम कुमार तेलंगाना में बिहार राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। सुन्दरम कुमार लंबे समय से माई भारत से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं और जिले में युवाओं को जागरूक करने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने युवा सहभागिता, सामाजिक जागरूकता, शिक्षा प्रोत्साहन, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान, रक्तदान जागरूकता, राष्ट्रीय पर्वों के आयोजन, तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी युवाओं तक पहुँचाने जैसे कई सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से बड़ी संख्या में युवा सामाजिक एवं राष्ट्र निर्माण से जुड़ रहे हैं।अंतरराज्यीय युवा विनिमय कार्यक्रम का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, परंपरा, सामाजिक संरचना, विकास योजनाओं और नवाचारों से परिचित कराना है। कार्यक्रम के दौरान युवाओं में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक समरसता, टीम भावना और राष्ट्रीय एकता को सशक्त करने पर विशेष बल दिया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से आए चयनित युवा प्रतिभागी शैक्षणिक सत्र, समूह चर्चा, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, क्षेत्रीय भ्रमण एवं अनुभव साझा करेंगे, जिससे एक भारत–श्रेष्ठ भारत की भावना को मजबूती मिलेगी।अपने चयन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सुन्दरम कुमार ने कहा,“यह अवसर मेरे लिए सम्मान और जिम्मेदारी दोनों है। मैं युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार तथा माई भारत का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। इस कार्यक्रम के माध्यम से मैं बक्सर जिले और बिहार की संस्कृति, परंपराओं एवं युवाओं की सकारात्मक सोच को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का प्रयास करूंगा।”सुन्दरम कुमार के चयन से बक्सर जिले के युवाओं, सामाजिक संगठनों और माई भारत से जुड़े कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है और उन्हें लगातार बधाइयाँ दी जा रही हैं।

कटरा प्रखंड अंतर्गत खंगुरा पहसौल में जीविका द्वारा आयोजित रोजगार- सह- मार्गदर्शन मेला में शिरकत करते जिलाधिकारी

कटरा प्रखंड अंतर्गत खंगुरा पहसौल में जीविका द्वारा आयोजित रोजगार- सह- मार्गदर्शन मेला में शिरकत करते जिलाधिकारी

कटरा, औराई और गायघाट में किसान निबंधन एवं ई-केवाईसी की पंचायतवार समीक्षा के उपरांत गायघाट में मीडिया से बातचीत करते जिलाधिकारी

कटरा, औराई और गायघाट में किसान निबंधन एवं ई-केवाईसी की पंचायतवार समीक्षा के उपरांत गायघाट में मीडिया से  बातचीत करते जिलाधिकारी

जनसंवाद से सुशासन को मिली मजबूती, जनता की समस्याओं का हुआ त्वरित निस्तारण, प्रशासन पर बढ़ा भरोसा एवं विश्वास :- प्रमंडलीय आयुक्त

जनसंवाद से सुशासन को मिली मजबूती, जनता की समस्याओं का हुआ त्वरित निस्तारण, प्रशासन पर बढ़ा भरोसा एवं विश्वास :- प्रमंडलीय आयुक्त
आयुक्त एवं डीएम ने अपने-अपने कार्यालय कक्ष में की सुनवाई l
सरकार द्वारा प्रदत्त दिशा-निर्देश के आलोक में जिले भर में जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन कर आम जनता की समस्याओं एवं शिकायतों की सुनवाई की गई तथा उनके नियमानुसार समाधान का प्रयास किया गया। इस क्रम में जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह एवं जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने स्वयं अपने-अपने कार्यालय कक्ष में जनसमस्याओं की सुनवाई कर संबंधित मामलों का त्वरित निवारण किया। जनसंवाद कार्यक्रम के तहत प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा कुल नौ मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याएं शामिल थीं। वहीं जिला पदाधिकारी द्वारा 42 मामलों की व्यक्तिगत रूप से सुनवाई कर संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। शेष मामलों में नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जनसंवाद के दौरान भूमि विवाद, राजस्व संबंधी मामले, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आवास योजना, राशन कार्ड, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य जनहित से जुड़े विषयों पर लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। प्रशासन द्वारा प्रत्येक फरियादी की समस्या को गंभीरता से सुना गया और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि तय समय-सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
जिले के साथ-साथ अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर पर भी जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा भी अपने-अपने कार्यालय कक्ष में जनता की समस्याओं की सुनवाई की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारियों से सीधे संवाद स्थापित किये। कई मामलों में लोगों को त्वरित राहत मिली, जिससे आमजन में संतोष का माहौल देखा गया।
जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि सरकार की मंशा है कि जनता की समस्याओं का समाधान सीधे संवाद के माध्यम से किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसंवाद कार्यक्रम नियमित रूप से जारी रहेगा, ताकि आम नागरिकों को अपनी बात रखने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल समस्याओं का समयबद्ध निवारण किया जाएगा, बल्कि फरियादियों को भी कृत कार्रवाई से अवगत कराया जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनसंवाद के दौरान प्राप्त शिकायतों की सतत मॉनिटरिंग की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि जनहित से जुड़े मामलों का निष्पक्ष, पारदर्शी एवं त्वरित समाधान हो।
जिला पदाधिकारी ने भी जनसंवाद को प्रशासन और जनता के बीच विश्वास का मजबूत माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन जनता के प्रति उत्तरदायी है और उनकी समस्याओं का समाधान करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जनसंवाद में प्राप्त शिकायतों का निष्पादन गंभीरता से किया जाए।
कुल मिलाकर, जनसंवाद कार्यक्रम के माध्यम से जिले में सुशासन की दिशा में एक सार्थक पहल देखने को मिली। प्रशासन की इस सक्रियता से आम लोगों में सकारात्मक संदेश गया है और यह उम्मीद जगी है कि उनकी समस्याओं का समाधान अब और अधिक प्रभावी ढंग से किया जाएगा।