मुजफ्फरपुर के गायघाट प्रखंड अंतर्गत बेरुआ पंचायत के चोरनिया गांव में राजद जिलाध्यक्ष रमेश गुप्ता की अध्यक्षता में राजद का प्रतिनिधि मंडल पहुंचा l

 मुजफ्फरपुर के गायघाट प्रखंड अंतर्गत बेरुआ पंचायत के चोरनिया गांव में राजद जिलाध्यक्ष रमेश गुप्ता की अध्यक्षता में राजद का प्रतिनिधि मंडल पहुंचा l और कहा की बीती रात समाजसेवी जगतवीर राय की थानाध्यक्ष द्वारा गोली मारकर हत्या की खबर अत्यंत विचलित करने वाली और शासन-प्रशासन पर गहरा कलंक है। एक पुलिस अधिकारी द्वारा इस प्रकार का जघन्य अपराध बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
​जिलाध्यक्ष राजद रमेश गुप्ता की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रतिनिधिमंडल के साथ पीड़ित परिवार से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दुखद घड़ी में हम पूरी मजबूती के साथ शोकाकुल परिवार के साथ खड़े हैं। आगे उन्होंने कहा की 
​गायघाट थानाध्यक्ष पर अविलंब हत्या का मुकदमा (302) दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
​इस पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराकर स्पीडी ट्रायल के जरिए कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
​पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए।
​इस संदर्भ में उन्होंने कहा की हमने DGP बिहार और SP मुजफ्फरपुर से भी वार्ता की है। न्याय मिलने में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जब तक दोषी सलाखों के पीछे नहीं होंगे, हमारी लड़ाई जारी रहेगी।
​मुलाकात के दौरान गायघाट के पूर्व विधायक निरंजन राय , विधान परिषद सदस्य कारी सोहैब , जिलाध्यक्ष रमेश गुप्ता , पृथ्वीनाथ राय , बबलू कुशवाहा एवं अन्य साथी उपस्थित रहे।

गायघाट में मृतक के परिवार से मिले पप्पू यादव, आर्थिक मदद भी दी l

गायघाट में मृतक के परिवार से मिले पप्पू यादव, आर्थिक मदद भी दी l
दीपक कुमार। गायघाट 
मुजफ्फरपुर के गायघाट थाना क्षेत्र के चोरनिया गांव में पुलिस फायरिंग में हुई जगतवीर राय की मौत के बाद जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे।
उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और इस कठिन समय में उनका हौसला बढ़ाया। साथ ही पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता भी दी।
पप्पू यादव ने इस घटना को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। 
@क्या है मामला?
गायघाट के चोरनिया गांव में पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प के दौरान गोली लगने से 60 वर्षीय जगतवीर राय की मौत हो गई थी।

घुड़लो : बेटियों की आवाज़”. यहाँ रेत के हर कण में एक कहानी सोई है,घुड़लो की परंपरा में नारी की लाज रोई है।

घुड़लो : बेटियों की आवाज़”
यहाँ रेत के हर कण में एक कहानी सोई है,
घुड़लो की परंपरा में नारी की लाज रोई है।
साँझ ढ़ले गाँव में दीपों की कतारें जलती हैं,
नन्ही हथेलीं में आशा की ज्योति पलती है।

सिर पे मटकी अंदर दीप बाहर अंधेरा भारी,
कदम-कदम पे चलती हिम्मत बन हर नारी।
इस धरा पर छाया एक काला-सा साया था,
लालच,अन्याय,डर ने मानवता भरमाया था।

मासूमों की आँखों में डर का सागर लहराया,
वीरों ने तलवार उठा अन्याय को दूर भगाया।
जंग तलवारों की नहीं सम्मान की लड़ाई थी,
बेटियों की हँसी पे जान की बाज़ी लगाई थी।

जब ये पर्व आता दिल में वही जज़्बा जगता,
हर गीत 'इतिहास' बोलता दीप अंधेरा हरता।
“घुड़लो घुमेलो जी घुमेला।” गलियों गूँज उठे,
लगता जैसे बीते पल फिर से जीवित हो उठे।

यह सिर्फ़ त्यौहार नहीं ये एक पुकार पुरानी है,
नारी गरिमा की रक्षा हर युग की ये कहानी है।
मिलकर वचन करें हम नहीं अन्याय को सहेंगे,
हर बेटी की हँसी के लिए हम अंधेरों से लड़ेंगे।
(संदर्भ - मारवाड़ में महिलाओं की आजादी का पर्व)
संजय एम तराणेकर
(कवि, लेखक व समीक्षक)
इन्दौर-452011 (मध्य प्रदेश)
(स्व-रचित, मौलिक व अप्रकाशित)
संजय एम. तराणेकर,
(कवि, लेखक व समीक्षक)
इन्दौर-452011 (मध्यप्रदेश)
स्वरदूत : 98260-25986

31 मार्च तक जीवन प्रमाणीकरण अनिवार्य, नहीं कराने पर रुकेगी पेंशन l

31 मार्च तक जीवन प्रमाणीकरण अनिवार्य, नहीं कराने पर रुकेगी पेंशन l
कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से मुफ्त हो रहा प्रमाणीकरण, आधार मैपिंग भी जरूरी l
 प्रशासन ने तेज किया अभियान l
सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के लिए जीवन प्रमाणीकरण को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिले के सभी पेंशनधारियों को 31 मार्च 2026 तक अपना जीवन प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है। यह स्पष्ट किया गया है कि 31 मार्च के बाद केवल उन्हीं पेंशनधारियों को पेंशन का लाभ मिलेगा, जिनका जीवन प्रमाणीकरण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है।
 विदित हो कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत मृत पेंशनधारियों को चिह्नित करते हुए उनका विवरण ई-लाभार्थी पोर्टल के डेटाबेस में अपडेट करने के उद्देश्य से 22 दिसंबर 2025 से ही जीवन प्रमाणीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह कार्य कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से पूरी तरह निःशुल्क किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लाभार्थी आसानी से इसका लाभ उठा सकें।

ज्ञातव्य हो कि जिले में कुल 5 लाख 73 हजार 675 पेंशनधारी हैं। इनमें से अब तक 3 लाख 83 हजार 941 पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण किया जा चुका है, जबकि करीब 1 लाख 89 हजार 657 लाभार्थी अब भी शेष हैं। इसके अलावा 12 हजार 946 पेंशनधारियों का आधार मैपिंग भी नहीं हो पाया है, जो पेंशन वितरण में एक बड़ी बाधा बन सकता है।

 जीवन प्रमाणीकरण अभियान को प्राथमिकता दी गई है, ताकि वास्तविक लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित की जा सके और पेंशनधारियों के भुगतान में पारदर्शिता बनी रहे।

सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा श्री अभिषेक कुमार ने सभी पेंशनधारियों एवं उनके परिजनों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर जीवन प्रमाणीकरण करा लें। इसके लिए पेंशनधारी को अपना आधार कार्ड/ बैंक खाता विवरण या लाभार्थी संख्या साथ लेकर जाना होगा। CSC केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
साथ ही जिन लाभार्थियों का आधार मैपिंग नहीं हुआ है, वे अपने संबंधित प्रखंड कार्यालय में प्रखंड विकास पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। जिला स्तर पर सामाजिक सुरक्षा कोषांग के माध्यम से भी आधार सीडिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

इस प्रकार यह अभियान पेंशन व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस संबंध में अधिकारियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक पेंशनधारियों का प्रमाणीकरण सुनिश्चित करें।
ऐसे में पेंशनधारियों के लिए यह आवश्यक हो गया है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते अपना जीवन प्रमाणीकरण पूरा कर लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

मुजफ्फरपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुशहरी का औचक निरीक्षण, एईएस को लेकर सख्त निर्देश जारी l

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुशहरी का औचक निरीक्षण, एईएस को लेकर सख्त निर्देश जारी l
सिविल सर्जन एवं डीपीएम ने वार्ड, लेबर रूम और ओपीडी का लिया जायजा, जागरूकता अभियान चलाने के दिए निर्देश
मुजफ्फरपुर।
मुशहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का आज सिविल सर्जन डॉ सुधीर कुमार एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक रेहान अशरफ ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सीएचसी की विभिन्न स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया गया, जिसमें विशेष रूप से एईएस (चमकी बुखार) वार्ड, लेबर रूम तथा ओपीडी सेवाओं की स्थिति का मूल्यांकन किया गया।
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता तथा चिकित्सा उपकरणों की स्थिति का अवलोकन किया। अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज की प्रक्रिया एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल सके।
लेबर रूम के निरीक्षण के दौरान प्रसव सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया। डीपीएम ने सुनिश्चित करने को कहा कि गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। वहीं, ओपीडी में मरीजों की भीड़, पंजीकरण प्रक्रिया एवं चिकित्सकीय परामर्श की व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने एईएस के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य कर्मियों को अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को समय रहते बीमारी के लक्षणों की जानकारी देना और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित रूप से इस तरह के निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।