पटना, फार्म एन फूड कृषि सम्मान अवार्ड 2026 :बिहार और झारखंड के प्रगतिशील किसानों को मिलेगा राज्य स्तरीय सम्मान l

फार्म एन फूड कृषि सम्मान अवार्ड 2026 :
बिहार और झारखंड के प्रगतिशील किसानों को मिलेगा राज्य स्तरीय सम्मान l 
17 मार्च, 2026 को पटना के ज्ञान भवन में फार्म एन फूड कृषि सम्मान अवार्ड 2026 का भव्य आयोजन होने वाला हैं. बिहार और झारखंड के किसानों, वैज्ञानिकों और कृषि से जुड़ी संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने खेती में नवाचार, तकनीक और सतत कृषि मॉडल के माध्यम से मिसाल कायम की है और कृषि से जुड़े दूसरे लोगों को भी प्रेरित किया है l
दिल्ली प्रेस के फार्म एन फूड मीडिया द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रमोद कुमार, सहकारिता मंत्री, बिहार सरकार शिरकत करने वाले है. वे विजेता किसानों को पुरस्कृत करेंगे l
दिल्ली प्रेस की पत्रिका फार्म एन फूड का ध्येय है कि किसानों को आसान भाषा में कृषि की नवीनतम जानकारी दी जाए, जिस में नवाचारों, फूड प्रोसेसिंग, मशीनरी आदि पर फोकस किया जाता है. किसान देश की रीढ़ हैं, जिन्हें और ज्यादा मजबूत करने की जरूरत है और अब कृषि को रोजगार बनाने का समय आ गया है.


इस कार्यक्रम में खेती- किसानी से जुड़े तकरीबन 36 किसानों, वैज्ञानिकों, पशुपालकों, पत्रकारों और अन्य लोगों को राज्य स्तर पर अवार्ड दिए जाएंगे.

कृषि नवाचार को मिल रही नई पहचान

फार्म एन फूड कृषि सम्मान अवार्ड 2026 ने यह साबित किया है कि देश के किसान आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती, वैल्यू एडिशन, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग के जरिए कृषि को लाभकारी बना रहे हैं. यह सम्मान न केवल किसानों के मनोबल को बढ़ाता है, बल्कि अन्य किसानों को भी नवाचार के लिए प्रेरित करता है.

सूक्ष्म , लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एमएसएमई-विकास एवं सुविधा कार्यालय, मुजफ्फरपुर द्वारा आयोजित तीन दिवसीय “प्रदर्शनी-सह-व्यापार मेला” का समापन..

सूक्ष्म , लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एमएसएमई-विकास एवं सुविधा कार्यालय, मुजफ्फरपुर द्वारा आयोजित तीन दिवसीय “प्रदर्शनी-सह-व्यापार मेला” का समापन दिनांक 15 मार्च 2026 को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), गणिनपुर, मुजफ्फरपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
ज्ञातव्य है कि इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी-सह-व्यापार मेले का शुभारंभ श्री सुब्रत कुमार सेन, जिला पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर द्वारा 13 मार्च 2026 को किया गया था। मेले में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों द्वारा निर्मित विभिन्न प्रकार के पारंपरिक एवं आधुनिक उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिससे कारीगरों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं विपणन का सशक्त मंच प्राप्त हुआ।
समापन दिवस पर आयोजित तकनीकी सत्र की शुरुआत एमएसएमई-विकास एवं सुविधा कार्यालय, मुजफ्फरपुर के सहायक निदेशक श्री अंबूरी सलेमु राजूलू के स्वागत भाषण के साथ हुई। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना भारत की पारंपरिक कलाओं को नया आयाम देने तथा कारीगरों को सशक्त बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से कौशल उन्नयन, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता तथा 3 लाख रुपये तक का बिना गारंटी ऋण प्रदान कर कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना परंपरा और नवाचार को जोड़ते हुए कारीगरों की उत्पाद गुणवत्ता तथा बाजार में प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रही है।
कार्यक्रम समन्वयक श्री भीमसेन, अन्वेषक, एमएसएमई-डीएफओ, मुजफ्फरपुर ने अपने संबोधन में लाभार्थियों से आह्वान किया कि वे इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएं, अपने कार्य में नई तकनीक को अपनाएं तथा गुणवत्ता में सुधार लाते हुए आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), पश्चिमी, मुजफ्फरपुर के प्राचार्य श्री रवि कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में कारीगरों और शिल्पकारों की समृद्ध परंपरा रही है। बढ़ई, लोहार, कुम्हार, सुनार, दर्जी, नाई सहित अनेक पारंपरिक कारीगर अपने कौशल और परिश्रम से समाज की सेवा करते हुए हमारी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखे हुए हैं।

इस अवसर पर आकांक्षी प्रखंड फेलो, मुजफ्फरपुर, श्री पीयूष पांडे ने कहा कि कारीगरों का कौशल अत्यंत मूल्यवान है। उनके हाथों में समाज को समृद्ध और सुंदर बनाने की शक्ति निहित है। उन्होंने कारीगरों से अपने हुनर पर गर्व करने तथा निरंतर प्रयास के माध्यम से उसे और विकसित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थी श्री सगुणी पंडित एवं श्री मुन्ना कुमार ने तीन दिवसीय प्रदर्शनी-सह-व्यापार मेले में अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के अंत में सभी लाभार्थियों को मेले में सहभागिता के लिए सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

इस अवसर पर सहायक निदेशक श्री अंबूरी सलेमु राजूलू द्वारा एमएसएमई-विकास एवं सुविधा कार्यालय, मुजफ्फरपुर के श्री पंकज मिश्रा, श्री शिवम् सिन्हा, श्री रितेश कुमार, श्री आदित्य कुमार सिंह, श्री आलोक कुमार एवं श्री प्रशांत को उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रतीक चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कारीगरों, उद्यमियों एवं आम नागरिकों की उपस्थिति रही, जिन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन कर विभिन्न उत्पादों की सराहना की।

एमएसएमई-विकास एवं सुविधा कार्यालय
मुजफ्फरपुर
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय
भारत सरकार

राज्यसभा का पवित्र स्नान.. ना रैली की धूल ना जनता की करना पड़े गुहार,ना घर-घर जाकर हाथ जोड़ना पड़ रहें बार-बार।बस पार्टी का हो आशीर्वाद व दिल्ली का विमान,सीधे ही पहुँच जाते हैं राज्यसभा के घाट महान।

राज्यसभा का पवित्र स्नान...!
जब जनता का "मिज़ाज" बदल जाए अचानक,
वोटों की नाव डूबने लगे नया बनाओ कथानक।
नेताजी के चेहरे पर आए मुस्कान जागे अरमान,
अब चलो कर लेते हैं राज्यसभा में पवित्र स्नान!

ना रैली की धूल ना जनता की करना पड़े गुहार,
ना घर-घर जाकर हाथ जोड़ना पड़ रहें बार-बार।
बस पार्टी का हो आशीर्वाद व दिल्ली का विमान,
सीधे ही पहुँच जाते हैं राज्यसभा के घाट महान। 

यहाँ कोई बोले हैं—“यह अनुभव का है सम्मान”,
तो कोई कहता—“यह राजनीति का है वरदान।”
देश की जनता मुस्कुरा के हौले-हौले कह देती है,
“ये हार का नहीं सियासत का भी नया है प्लान।”
संजय एम तराणेकर
(कवि, लेखक व समीक्षक)
इन्दौर-452011 (मध्य प्रदेश)
(स्व-रचित, मौलिक व अप्रकाशित)
संजय एम. तराणेकर,
(कवि, लेखक व समीक्षक)
इन्दौर-452011 (मध्यप्रदेश)
स्वरदूत : 98260-25986

गायघाट, खाद्यान्न की कालाबाजारी के विरुद्ध जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई की है। इस संबंध में चार व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए बेनीबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। डोर स्टेप डिलीवरी (डीएसडी) परिवहन अभिकर्ता अशोक इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर अशोक कुमार तथा वाहन चालक धर्मेंद्र कुमार, मजदूर संजीव कुमार राजा कुमार के विरुद्ध सरकारी अनुमोदित खाद्यान्न को कालाबाजारी के उद्देश्य से विचलित करने के आरोप में बेनीबाद थाना में कांड संख्या 43/26, दिनांक 14 मार्च 2026 को प्राथमिकी दर्ज

सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी के विरूद्ध हुई कठोर कार्रवाई, चार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज l
खाद्यान्न के उठाव से लेकर परिवहन, वितरण एवं निगरानी प्रणाली को सशक्त एवं पारदर्शी बनाने पर जोर l
 सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं: डीएम 
सरकारी योजनाओं के तहत विद्यालयों में वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न की कालाबाजारी के विरुद्ध जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई की है। इस संबंध में चार व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए बेनीबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। डोर स्टेप डिलीवरी (डीएसडी) परिवहन अभिकर्ता अशोक इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर अशोक कुमार तथा वाहन चालक धर्मेंद्र कुमार, मजदूर संजीव कुमार राजा कुमार के विरुद्ध सरकारी अनुमोदित खाद्यान्न को कालाबाजारी के उद्देश्य से विचलित करने के आरोप में बेनीबाद थाना में कांड संख्या 43/26, दिनांक 14 मार्च 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई है।
 कालाबाजारी के मामले की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने त्वरित कार्रवाई की तथा डीएम एसएफसी को मामले की जांच कर दोषी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। तत्पश्चात जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम द्वारा मामले की जांच कर सभी तथ्यों के साथ बेनीबाद थानाध्यक्ष को आवेदन देते हुए चार अभियुक्त के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया।
इसके उपरांत बेनीबाद थाने में कांड संख्या 43/26 दिनांक 14 मार्च 2026 दर्ज किया गया। 

इस संबंध में डीएम एसएफसी ने उल्लेख किया है कि टीपीडीएस गोदाम गायघाट से मध्याह्न भोजन योजना के अंतर्गत प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में वितरण हेतु 35.50 क्विंटल चावल निर्धारित वाहन से भेजा गया था। उक्त वाहन पर चालक के साथ दो मजदूर भी सवार थे और इस खाद्यान्न को प्रखंड के सात विद्यालयों तक पहुंचाने के लिए कुल सात चालान निर्गत किए गए थे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार निर्धारित वाहन संख्या BR06GA3843 द्वारा खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा था। जांच के दौरान पाया गया कि सात विद्यालयों के लिए निर्गत खाद्यान्न में से केवल चार विद्यालयों तक ही चावल पहुंचाया गया। शेष विद्यालयों तक खाद्यान्न नहीं पहुंचने की शिकायत मिली। जांच में पाया गया कि वाहन पर कुल 50 बैग चावल मौजूद था। जबकि ऑनलाइन ट्रैकिंग रिपोर्ट के अनुसार चार विद्यालयों में ही खाद्यान्न का वितरण किया गया जिसमें मध्य विद्यालय शिवदाहा में 9 क्विंटल, प्राथमिक विद्यालय शिवदाहा अनुसूचित जाति में 1 क्विंटल, प्राथमिक विद्यालय मुस्लिम में 4.5 क्विंटल तथा प्राथमिक विद्यालय बरूआरी में 0.5 क्विंटल चावल का वितरण किया गया । अर्थात कुल चार विद्यालयों में 15 क्विंटल( 30 बैग) चावल वितरित किए जाने की पुष्टि हुई।

जबकि गोदाम से वाहन पर कुल 35.50 क्विंटल यानी 71 बैग चावल सातों विद्यालयों में वितरण के लिए लोड किया गया था। यदि चार विद्यालयों में 15 क्विंटल (30 बैग) चावल वितरित किया जा चुका था, तो वाहन पर शेष 20.5 क्विंटल यानी 41 बैग चावल होना चाहिए था। किंतु जांच के दौरान वाहन पर 50 बैग चावल पाया गया, जो निर्धारित मात्रा से 9 बैग अधिक था।
जांच में यह स्पष्ट पाया गया कि निर्धारित विद्यालयों में वितरण के बजाय खाद्यान्न को कहीं और विचलित कर कालाबाजारी करने का प्रयास किया जा रहा था। इसी आधार पर डोर स्टेप डिलीवरी परिवहन अभिकर्ता अशोक इंटरप्राइजेज के प्रो. अशोक कुमार तथा वाहन चालक धर्मेंद्र कुमार, मजदूर संजीव कुमार एवं राजा कुमार के विरुद्ध सरकारी अनुमोदित खाद्यान्न को कालाबाजारी के उद्देश्य से विचलित करने के आरोप में भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

 जिलाधिकारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिया है कि सरकारी योजनाओं के तहत खाद्यान्न के उठाव, परिवहन और वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी तथा पश्चिमी को निर्देश दिया है कि सभी टीपीडीएस गोदामों से विद्यालयों एवं अन्य लाभार्थी संस्थानों तक खाद्यान्न की आपूर्ति की नियमित निगरानी की जाए तथा ऑनलाइन ट्रैकिंग प्रणाली का प्रभावी उपयोग किया जाए।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि मध्याह्न भोजन योजना तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न का एक-एक दाना गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए है। इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या कालाबाजारी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति या संस्था सरकारी खाद्यान्न के दुरुपयोग या कालाबाजारी में संलिप्त पाया जायेगा तो उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने आपूर्ति कार्य से जुड़े हुए जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक के तमाम अधिकारियों तथा विद्यालय प्रबंधन समिति को आगाह करते हुए निर्देश दिया है कि खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया पर सतत निगरानी रखी जाये। विद्यालयों में खाद्यान्न प्राप्ति और उपयोग से संबंधित अभिलेखों को नियमित रूप से अद्यतन रखने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करने का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी ने परिवहन प्रणाली, वितरण व्यवस्था तथा निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने तथा आवश्यकतानुसार औचक निरीक्षण, भौतिक सत्यापन और ऑनलाइन मॉनिटरिंग के माध्यम से खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने को कहा है।

जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र मुजफ्फरपुर के प्रांगण में मुख्यमंत्री निश्चय स्वंय सहायता भत्ता योजना के अंतर्गत एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया

जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र मुजफ्फरपुर के प्रांगण में मुख्यमंत्री निश्चय स्वंय सहायता भत्ता योजना के अंतर्गत एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया lआज दिनांक 14.03.2026 की जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र मुजफ्फरपुर के प्रांगण में मुख्यमंत्री निश्चय स्वंय सहायता भत्ता योजना के अंतर्गत एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। जिसमें मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के बारे में श्री अमरेन्द्र कुमार मिश्रा, जिला कल्याण पदाधिकारी, मुज0, मनोज कुमार प्रधान, प्रबंधक एवं श्री बैभव कुमार, सहायक प्रबंधक, योजना, जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र, मुजफ्फरपुर के द्वारा विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी । ज्ञातव्य हो कि मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना में स्नातक (सिर्फ B.A., BSc, & B.Com) उतीर्ण 20 से 25 आयुवर्ग के विद्यार्थियों को भी योजना का लाभ दिया जाना है। 
बैठक में सभी विकास मित्रों को निदेश दिया गया है कि 31.03.2026 तक अपने-अपने पंचायत से कम से कम 10 लाभार्थियों की सूची बनाकर लाभार्थियों को जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र में सत्यापन हेतु भेजना सुनिश्चित करेंगें। प्रबंधक के द्वारा मुजफ्फरपुर जिले के सभी प्राचार्य /प्राभारी प्राचार्य से अनुरोध किया गया है कि अपने-अपने महाविद्यालय के स्नातक उत्तीर्ण 20 से 25 आयुवर्ग के विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता का लाभ प्रदान कराने का अनुरोध किया गया है।   
ज्ञातव्य हो कि इस योजना के स्नातक उत्तीर्ण बेरोजगार युवाओं को रोजगार तलाशने के दौरान सहायता के तौर पर 1000 रूपये प्रतिमाह की दर से स्वयं सहायता भत्ता दो वर्षो के लिए प्रदान की जाती है।