राज्यसभा का पवित्र स्नान.. ना रैली की धूल ना जनता की करना पड़े गुहार,ना घर-घर जाकर हाथ जोड़ना पड़ रहें बार-बार।बस पार्टी का हो आशीर्वाद व दिल्ली का विमान,सीधे ही पहुँच जाते हैं राज्यसभा के घाट महान।

राज्यसभा का पवित्र स्नान...!
जब जनता का "मिज़ाज" बदल जाए अचानक,
वोटों की नाव डूबने लगे नया बनाओ कथानक।
नेताजी के चेहरे पर आए मुस्कान जागे अरमान,
अब चलो कर लेते हैं राज्यसभा में पवित्र स्नान!

ना रैली की धूल ना जनता की करना पड़े गुहार,
ना घर-घर जाकर हाथ जोड़ना पड़ रहें बार-बार।
बस पार्टी का हो आशीर्वाद व दिल्ली का विमान,
सीधे ही पहुँच जाते हैं राज्यसभा के घाट महान। 

यहाँ कोई बोले हैं—“यह अनुभव का है सम्मान”,
तो कोई कहता—“यह राजनीति का है वरदान।”
देश की जनता मुस्कुरा के हौले-हौले कह देती है,
“ये हार का नहीं सियासत का भी नया है प्लान।”
संजय एम तराणेकर
(कवि, लेखक व समीक्षक)
इन्दौर-452011 (मध्य प्रदेश)
(स्व-रचित, मौलिक व अप्रकाशित)
संजय एम. तराणेकर,
(कवि, लेखक व समीक्षक)
इन्दौर-452011 (मध्यप्रदेश)
स्वरदूत : 98260-25986

गायघाट, खाद्यान्न की कालाबाजारी के विरुद्ध जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई की है। इस संबंध में चार व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए बेनीबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। डोर स्टेप डिलीवरी (डीएसडी) परिवहन अभिकर्ता अशोक इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर अशोक कुमार तथा वाहन चालक धर्मेंद्र कुमार, मजदूर संजीव कुमार राजा कुमार के विरुद्ध सरकारी अनुमोदित खाद्यान्न को कालाबाजारी के उद्देश्य से विचलित करने के आरोप में बेनीबाद थाना में कांड संख्या 43/26, दिनांक 14 मार्च 2026 को प्राथमिकी दर्ज

सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी के विरूद्ध हुई कठोर कार्रवाई, चार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज l
खाद्यान्न के उठाव से लेकर परिवहन, वितरण एवं निगरानी प्रणाली को सशक्त एवं पारदर्शी बनाने पर जोर l
 सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं: डीएम 
सरकारी योजनाओं के तहत विद्यालयों में वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न की कालाबाजारी के विरुद्ध जिलाधिकारी ने सख्त कार्रवाई की है। इस संबंध में चार व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए बेनीबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। डोर स्टेप डिलीवरी (डीएसडी) परिवहन अभिकर्ता अशोक इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर अशोक कुमार तथा वाहन चालक धर्मेंद्र कुमार, मजदूर संजीव कुमार राजा कुमार के विरुद्ध सरकारी अनुमोदित खाद्यान्न को कालाबाजारी के उद्देश्य से विचलित करने के आरोप में बेनीबाद थाना में कांड संख्या 43/26, दिनांक 14 मार्च 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई है।
 कालाबाजारी के मामले की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने त्वरित कार्रवाई की तथा डीएम एसएफसी को मामले की जांच कर दोषी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। तत्पश्चात जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम द्वारा मामले की जांच कर सभी तथ्यों के साथ बेनीबाद थानाध्यक्ष को आवेदन देते हुए चार अभियुक्त के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया।
इसके उपरांत बेनीबाद थाने में कांड संख्या 43/26 दिनांक 14 मार्च 2026 दर्ज किया गया। 

इस संबंध में डीएम एसएफसी ने उल्लेख किया है कि टीपीडीएस गोदाम गायघाट से मध्याह्न भोजन योजना के अंतर्गत प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में वितरण हेतु 35.50 क्विंटल चावल निर्धारित वाहन से भेजा गया था। उक्त वाहन पर चालक के साथ दो मजदूर भी सवार थे और इस खाद्यान्न को प्रखंड के सात विद्यालयों तक पहुंचाने के लिए कुल सात चालान निर्गत किए गए थे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार निर्धारित वाहन संख्या BR06GA3843 द्वारा खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा था। जांच के दौरान पाया गया कि सात विद्यालयों के लिए निर्गत खाद्यान्न में से केवल चार विद्यालयों तक ही चावल पहुंचाया गया। शेष विद्यालयों तक खाद्यान्न नहीं पहुंचने की शिकायत मिली। जांच में पाया गया कि वाहन पर कुल 50 बैग चावल मौजूद था। जबकि ऑनलाइन ट्रैकिंग रिपोर्ट के अनुसार चार विद्यालयों में ही खाद्यान्न का वितरण किया गया जिसमें मध्य विद्यालय शिवदाहा में 9 क्विंटल, प्राथमिक विद्यालय शिवदाहा अनुसूचित जाति में 1 क्विंटल, प्राथमिक विद्यालय मुस्लिम में 4.5 क्विंटल तथा प्राथमिक विद्यालय बरूआरी में 0.5 क्विंटल चावल का वितरण किया गया । अर्थात कुल चार विद्यालयों में 15 क्विंटल( 30 बैग) चावल वितरित किए जाने की पुष्टि हुई।

जबकि गोदाम से वाहन पर कुल 35.50 क्विंटल यानी 71 बैग चावल सातों विद्यालयों में वितरण के लिए लोड किया गया था। यदि चार विद्यालयों में 15 क्विंटल (30 बैग) चावल वितरित किया जा चुका था, तो वाहन पर शेष 20.5 क्विंटल यानी 41 बैग चावल होना चाहिए था। किंतु जांच के दौरान वाहन पर 50 बैग चावल पाया गया, जो निर्धारित मात्रा से 9 बैग अधिक था।
जांच में यह स्पष्ट पाया गया कि निर्धारित विद्यालयों में वितरण के बजाय खाद्यान्न को कहीं और विचलित कर कालाबाजारी करने का प्रयास किया जा रहा था। इसी आधार पर डोर स्टेप डिलीवरी परिवहन अभिकर्ता अशोक इंटरप्राइजेज के प्रो. अशोक कुमार तथा वाहन चालक धर्मेंद्र कुमार, मजदूर संजीव कुमार एवं राजा कुमार के विरुद्ध सरकारी अनुमोदित खाद्यान्न को कालाबाजारी के उद्देश्य से विचलित करने के आरोप में भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

 जिलाधिकारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिया है कि सरकारी योजनाओं के तहत खाद्यान्न के उठाव, परिवहन और वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी तथा पश्चिमी को निर्देश दिया है कि सभी टीपीडीएस गोदामों से विद्यालयों एवं अन्य लाभार्थी संस्थानों तक खाद्यान्न की आपूर्ति की नियमित निगरानी की जाए तथा ऑनलाइन ट्रैकिंग प्रणाली का प्रभावी उपयोग किया जाए।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि मध्याह्न भोजन योजना तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न का एक-एक दाना गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए है। इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या कालाबाजारी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति या संस्था सरकारी खाद्यान्न के दुरुपयोग या कालाबाजारी में संलिप्त पाया जायेगा तो उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने आपूर्ति कार्य से जुड़े हुए जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक के तमाम अधिकारियों तथा विद्यालय प्रबंधन समिति को आगाह करते हुए निर्देश दिया है कि खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया पर सतत निगरानी रखी जाये। विद्यालयों में खाद्यान्न प्राप्ति और उपयोग से संबंधित अभिलेखों को नियमित रूप से अद्यतन रखने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करने का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी ने परिवहन प्रणाली, वितरण व्यवस्था तथा निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने तथा आवश्यकतानुसार औचक निरीक्षण, भौतिक सत्यापन और ऑनलाइन मॉनिटरिंग के माध्यम से खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने को कहा है।

जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र मुजफ्फरपुर के प्रांगण में मुख्यमंत्री निश्चय स्वंय सहायता भत्ता योजना के अंतर्गत एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया

जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र मुजफ्फरपुर के प्रांगण में मुख्यमंत्री निश्चय स्वंय सहायता भत्ता योजना के अंतर्गत एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया lआज दिनांक 14.03.2026 की जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र मुजफ्फरपुर के प्रांगण में मुख्यमंत्री निश्चय स्वंय सहायता भत्ता योजना के अंतर्गत एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। जिसमें मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के बारे में श्री अमरेन्द्र कुमार मिश्रा, जिला कल्याण पदाधिकारी, मुज0, मनोज कुमार प्रधान, प्रबंधक एवं श्री बैभव कुमार, सहायक प्रबंधक, योजना, जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र, मुजफ्फरपुर के द्वारा विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी । ज्ञातव्य हो कि मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना में स्नातक (सिर्फ B.A., BSc, & B.Com) उतीर्ण 20 से 25 आयुवर्ग के विद्यार्थियों को भी योजना का लाभ दिया जाना है। 
बैठक में सभी विकास मित्रों को निदेश दिया गया है कि 31.03.2026 तक अपने-अपने पंचायत से कम से कम 10 लाभार्थियों की सूची बनाकर लाभार्थियों को जिला निबंधन एवं परामर्श केन्द्र में सत्यापन हेतु भेजना सुनिश्चित करेंगें। प्रबंधक के द्वारा मुजफ्फरपुर जिले के सभी प्राचार्य /प्राभारी प्राचार्य से अनुरोध किया गया है कि अपने-अपने महाविद्यालय के स्नातक उत्तीर्ण 20 से 25 आयुवर्ग के विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता का लाभ प्रदान कराने का अनुरोध किया गया है।   
ज्ञातव्य हो कि इस योजना के स्नातक उत्तीर्ण बेरोजगार युवाओं को रोजगार तलाशने के दौरान सहायता के तौर पर 1000 रूपये प्रतिमाह की दर से स्वयं सहायता भत्ता दो वर्षो के लिए प्रदान की जाती है।

मुजफ्फरपुर, संयुक्त श्रम भवन, गन्निपुर, स्थित उप श्रम आयुक्त का कार्यालय, तिरहुत प्रमंडल मुजफ्फरपुर के सभागार में बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वास हेतु राज्य रणनीति एवं कार्य योजना, 2025 के अन्तर्गत एक दिवसीय कार्यशाला/सेमिनार का आयोजन किया गया।

मुजफ्फरपुर, संयुक्त श्रम भवन, गन्निपुर, स्थित उप श्रम आयुक्त का कार्यालय, तिरहुत प्रमंडल मुजफ्फरपुर के सभागार में बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वास हेतु राज्य रणनीति एवं कार्य योजना, 2025 के अन्तर्गत एक दिवसीय कार्यशाला/सेमिनार का आयोजन किया गया। 
आयोजन का उद्घाटन संयुक्त रूप से उप श्रम आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल मुजफ्फरपुर - नीरज नयन, सहायक श्रमायुक्त, मुजफ्फरपुर - राकेश रंजन, सहायक श्रमायुक्त, बेतियासुबोध कुमार, श्रम अधीक्षक, मुजफ्फरपुर - अजय कुमार, श्रम अधीक्षक वैशाली - शशि कुमार सक्सेना, श्रम अधीक्षक, सीतामढ़ी प्रभारी- पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) - रमाकांत कुमार, श्रम अधीक्षक, शिवहर/प्रभारी - पश्चिम चंपारण (बेतिया)- विजय कुमार ठाकुर , और अध्यक्ष, जिला बाल कल्याण समिति मुजफ्फरपुर- उदय शंकर शर्मा/ NGO कानूनी सलाहकार निर्देश, मुजफ्फरपुर से अमोद कुमार एवं अनिल कुमार / थानाध्यक्ष रेल पुलिस - रंजीत कुमार, के द्वारा दीप प्रज्वलन कर संयुक्त रूप से किया गया ।
 इस कार्यक्रम में मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, वैशाली, शिवहर, पुर्वी चंपारण (मोतिहारी)और पश्चिम चंपारण (बेतिया) जिले में पदस्थापित सभी प्रखंडों के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारीयों ने भाग लिया ।
इस प्रमंडल स्तरीय कार्यक्रम के संयोजक उप श्रम आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को जानकारी दी कि बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन के लिए राज्य कार्य योजना 2025 लागू किया गया है जिसमें बाल एवं किशोर श्रम से संबंधित कार्यों के लिए 18 विभागों को अलग अलग जिम्मेदारी दी गई है ।
  राज्य कार्य योजना 2025 में दिए गए प्रावधानों एवं बाल एवं किशोर श्रम से संबंधित विभिन्न कानूनों की जानकारी सभी हितधारकों को दी गई ।
उप श्रमायुक्त के द्वारा बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन ) अधिनियम 1986 एवं यथासंशोधित 2016 की विस्तार से जानकारी दी गई ।
*उप श्रम आयुक्त ने बताया कि बच्चों का स्थान स्कूल में है, खेल के मैदान में है ना कि किसी होटल, ढाबा, मोटर गैरेज, फैक्ट्री आदि में, शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत 14 वर्ष तक के बच्चों को अनिवार्य शिक्षा का अधिकार प्राप्त है और हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि सभी बच्चों को शिक्षा प्राप्त हो और उनका बचपन सुरक्षित रहे ताकि वो आगे चलकर इस देश का एक जिम्मेदार नागरिक बनें और देश एवं समाज के विकास में अपनी भागीदारी दें*।
कार्यक्रम का मंच संचालन डॉक्टर रश्मि राज, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, मुरौल द्वारा किया गया।
अन्य श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी द्वारा तकनीकी सत्र में बाल श्रमिकों की विमुक्त एवं पुनर्वास से संबंधित अधिनियम , राज्य कार्य योजना तथा आर्थिक एवं गैर आर्थिक पुनर्वास के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई ।
 उन्होंने बताया कि बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 की धारा 3 के तहत 14 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे से काम कराना प्रतिषिद्ध है तथा बच्चों से कार्य कराने पर इस अधिनियम की धारा 14(1) के तहत 20000 रुपए से 50000 रुपये तक का जुर्माना या 6 माह से 2 वर्ष तक का कारावास या दोनों से दंडित किए जाने का प्रावधान है ।
अध्यक्ष/सदस्य बाल कल्याण समिति के द्वारा बताया गया कि बाल कल्याण समिति किशोर न्याय (देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के तहत गठित एक जिला-स्तरीय वैधानिक संस्था है। इसका मुख्य कार्य जरूरतमंद बच्चों (अनाथ, परित्यक्त, दुर्व्यवहार के शिकार) के कल्याण, पुनर्वास, सुरक्षा और उनके सर्वाेत्तम हितों की रक्षा करना है। 
बच्चों की सुरक्षा और पुनर्वास हेतु सीडब्ल्यूसी जरूरतमंद बच्चों के मामलों की जांच करती है, उन्हें बाल देखभाल संस्थानों, फोस्टर केयर (पालक देखभाल), या गोद लेने के लिए योग्य घोषित कर पुनर्वास करती है। बच्चों को आश्रय देना समिति बच्चों के लिए तत्काल सुरक्षा और आश्रय, शिक्षा, स्वास्थ्य, और भावनात्मक सहयोग सुनिश्चित करती है। परिदृश्य का मूल्यांकन और निर्णयरू बच्चे के परिवार की सामाजिक जांच रिपोर्ट के आधार पर, यह निर्धारित करना कि बच्चा परिवार के साथ रहने के लिए सुरक्षित है या उसे संस्थागत देखभाल की आवश्यकता है। संस्थाओं की निगरानीर बाल कल्याण समिति अपने जिले के सभी बच्चों के देखभाल संस्थानों का नियमित निरीक्षण करती है ताकि बच्चों के साथ दुर्व्यवहार न हो। परिवार में पुनर्मिलन यदि संभव हो तो, जांच के बाद बच्चे को उसके माता-पिता या रिश्तेदारों के साथ पुनर्मिलन कराना, यह सुनिश्चित करने के बाद कि वह वहां सुरक्षित है। गोद लेने की प्रक्रियारू परित्यक्त बच्चों को कानूनी रूप से गोद लेने के लिए स्वतंत्र घोषित करना। 
 श्रम अधीक्षक, मुजफ्फरपुर द्वारा बाल श्रम उन्मूलन हेतु सभी को प्रभावी कदम उठाने हेतु प्रेरित किया गया। बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वास हेतु राज्य रणनीति एवं कार्य योजना, 2025 के अन्तर्गत उपस्थित हितधारकों के द्वारा उठाये गए समस्याओं का निराकरण किया गया। 
उप श्रम आयुक्त के द्वारा शिविर में उपस्थित सभी हितधारकों से किसी भी परिस्थिति में प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष परोक्ष रूप से बाल मजदूर से कोई कार्य नहीं लिए जाने संबंधी शपथ भी दिलाई गई।        
श्रम अधीक्षक के द्वारा बताया गया कि राज्य कार्य योजना के अनुसार बाल श्रम उन्मूलन हेतु धावादल के माध्यम से सघन अभियान चलाकर बाल श्रमिकों का विमुक्ति जारी है। विमुक्ति के समय प्रत्येक बाल श्रमिक को एक माह का राशन एवं वस्त्र हेतु रू०- 3000/-(तीन हजार रुपया ) का भुगतान किया जा रहा है कि जानकारी दी गई।
साथ ही विमुक्त सभी बाल श्रमिकों को 25,000 रुपया माननीय मुख्यमंत्री राहत कोष से दिया जाता है ।
 कार्यशाला के अंत में श्रम अधीक्षक, मुजफ्फरपुर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम समाप्त किया गया।

शहद की मिठास से बदलेगी महिलाओं की तकदीर - समीर l मधु ग्राम महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड से जुड़ी महिलाओं के कारोबार को सशक्त करने के लिए आयोजित हुई कार्यशाला l

शहद की मिठास से बदलेगी महिलाओं की तकदीर - समीर l
 मधु ग्राम महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड से जुड़ी महिलाओं के कारोबार को सशक्त करने के लिए आयोजित हुई कार्यशाला l
 ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित जीविका महिलाओं की तकदीर बदलने के लिए लगातार काम कर रही है, आसपास के जिले की महिलायें भी मधुमक्खी पालन कर अपना भविष्य सवार रही है. मधुमक्खी पालन करने वाली महिलाओं की तकदीर को संवारने के लिए जीविका लगातार बड़ी-बड़ी कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर बाजार मुहैया करा रही है. शहद की मिठास से महिलाओं के जिंदगी में आर्थिक उन्नति काफी तेजी से हो रही है. उक्त बातें जीविका के राज्य परियोजना प्रबंधक (गैर क़ृषि) श्री समीर कुमार ने कार्यशाला में कहीं l. बताते चले कि मधु ग्राम महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा शहर के एक निजी होटल में "मधुमक्खी पालन से समृद्धि की ओर" विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला का शुभारंभ श्री समीर कुमार राज्य परियोजना प्रबंधक (नॉन फॉर्म ) श्रीमती अनीशा डीपीएम जीविका मुजफ्फरपुर, श्रीमती वंदना कुमारी डीपीएम वैशाली, श्री सुर्दीप्त समदर्शी, डाबर के अजय कुमार के साथ मधुग्राम की दीदियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करते हुए किया. कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने मधु ग्राम कंपनी क़ो आगे बढ़ाने के लिए दीदियों के साथ चर्चा की और रणनीति तय किया. इस कार्यक्रम के दौरान मधुमक्खी पालन करने वाली मुजफ्फरपुर, वैशाली, पश्चिमी चंपारण,और पूर्वी चंपारण की जीविका दीदियों ने अपने अनुभव बताएं और इस साल मधुमक्खी पालन करते हुए ज्यादा से ज्यादा शहद की बिक्री के लिए रणनीति पर बात कि. कार्यक्रम में अच्छा कार्य करने वाली दीदियों के साथ ही कैडर को सम्मानित भी किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत में मधु ग्राम से जुड़ी दीदियों ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कंपनी के कारोबार के बारे में संक्षिप्त परिचय दिया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीपीएम अनीशा ने कहा कि जीविका से जुड़कर महिलाएं काफी आगे बढ़ रही हैं शहद उत्पादन के क्षेत्र में भी काफी अच्छा काम हो रहा है. इस साल भी लक्ष्य के अनुरूप शहद उत्पादन का कार्य किया जाएगा. वही वैशाली की डीपीएम वंदना कुमारी ने मधु ग्राम से जुड़ी दीदियों को भरोसा दिलाया कि अच्छा शहद का उत्पादन होगा तो उन्हें अच्छा मूल्य भी दिया जाएगा. वही डाबर से जुड़े अजय कुमार ने बताया कि जीविका से जुड़ी दीदियों का शहद काफी अच्छा होता है अच्छे गुणवत्ता वाले शहद के लिए हम अच्छा मूल्य भी प्रदान कर रहे हैं और लक्ष्य के मुताबिक इस साल भी अगर हमें शहद प्राप्त होता है तो अच्छा लाभ दीदियों क़ो होगा. कार्यक्रम का संचालन मनीष कुमार नॉन फार्म प्रबंधक वैशाली ने किया. कार्यक्रम के अंत में सभी दीदियों ने चमकी बुखार से बचाव के लिए शपथ भी लिया. इस दौरान संचार प्रबंधक राजीव रंजन, संतोष कुमार,आनंद कुमार, शिवम कुमार, इमरान अली, चुनचुन कुमार सहीत कई जीविका कर्मी और जीविका दीदियाँ उपस्थित थी.