मुजफ्फरपुर, डीएम ने जिला परिवहन कार्यालय एवं अभिलेखागार का किया निरीक्षण, राजस्व वसूली और सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता पर दिया जोर l

मुजफ्फरपुर, डीएम ने जिला परिवहन कार्यालय एवं अभिलेखागार का किया निरीक्षण, राजस्व वसूली और सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता पर दिया जोर l
जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने मंगलवार को जिला परिवहन कार्यालय एवं अभिलेखागार का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली, राजस्व वसूली, लंबित आवेदनों और आम लोगों को दी जा रही सेवाओं की स्थिति का विस्तृत जायजा लिया। इस दौरान डीएम ने कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए, ताकि सेवाओं को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया जा सके।
निरीक्षण के क्रम में डीएम ने कार्यालय के विभिन्न काउंटरों पर जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया या और वहां उपस्थित कर्मियों से कार्य निष्पादन की जानकारी ली। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि सभी कर्मी अपने-अपने काउंटर पर निर्धारित समय तक उपस्थित रहकर कार्य करें, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही कार्यालय में साफ-सफाई और व्यवस्था बनाए रखने का भी निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने राजस्व वसूली की स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया कि जिला परिवहन कार्यालय द्वारा निर्धारित लक्ष्य 29060 लाख रुपये के विरुद्ध 29647.71 लाख रुपये की वसूली की गई है, जो कुल लक्ष्य का 102 प्रतिशत है। इस उपलब्धि पर उन्होंने संतोष जताया, लेकिन आगे भी इसी गति से कार्य जारी रखने का निर्देश दिया।
डीएम ने ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी/डीएल स्मार्ट कार्ड, परमिट और फिटनेस प्रमाणपत्र से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि ड्राइविंग लाइसेंस के लिए 3597 ड्राइविंग टेस्ट लिए गए तथा 1410 फिटनेस प्रमाणपत्र निर्गत किए गए हैं। उन्होंने इन सेवाओं को और तेज एवं पारदर्शी बनाने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लंबित आवेदनों का निष्पादन 15 दिनों के अंदर सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, आवेदकों को अनावश्यक रूप से कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने को कहा गया।
डीएम ने पत्र, संचिका एवं अभिलेखों को अद्यतन रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कार्यालय में आने वाले आम नागरिकों के साथ शिष्ट व्यवहार किया जाए और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।
इस मौके पर जिला परिवहन पदाधिकारी श्री कुमार सत्येंद्र समेत अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

मुजफ्फरपुर, त्योहारों के मद्देनज़र प्रशासन अलर्ट, शांति और सुरक्षा पर विशेष जोर lईद, रामनवमी व छठ पर्व के शांतिपूर्ण आयोजन हेतु डीएम-एसएसपी ने की समीक्षा बैठक lजुलूस, यातायात व कानून-व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश l

त्योहारों के मद्देनज़र प्रशासन अलर्ट, शांति और सुरक्षा पर विशेष जोर l
ईद, रामनवमी व छठ पर्व के शांतिपूर्ण आयोजन हेतु डीएम-एसएसपी ने की समीक्षा बैठक l
जुलूस, यातायात व कानून-व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश l
जिले में आगामी ईद, रामनवमी एवं छठ पर्व के शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन एवं वरीय पुलिस अधीक्षक श्री कांतेश कुमार मिश्रा ने प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में जिले के सभी प्रखंडों से प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष वर्चुअल माध्यम से जुड़े और अपने-अपने क्षेत्रों की तैयारियों की जानकारी दी।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठक अविलंब आयोजित कर लें और स्थानीय स्तर पर आपसी समन्वय को मजबूत बनाएं। उन्होंने साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया, ताकि त्योहारों के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही, उन्होंने कहा कि रामनवमी के अवसर पर निकलने वाले जुलूसों के संबंध में विशेष सतर्कता बरती जाए। प्रत्येक थाना क्षेत्र से निकलने वाले जुलूसों की संख्या, मार्ग एवं समय का विस्तृत विवरण तैयार कर सूचीबद्ध किया जाए तथा उसकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी एवं पश्चिमी को निर्देशित किया कि जुलूसों के लिए जारी किए जाने वाले लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता एवं समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नदी एवं तालाबों के किनारे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने, नाव एवं गोताखोरों की तैनाती करने तथा सतत निगरानी रखने के निर्देश भी दिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

वरीय पुलिस अधीक्षक ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए असामाजिक तत्वों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष चौकसी बरती जाए तथा पुलिस की नियमित गश्ती बढ़ाई जाए। इसके अतिरिक्त, भूमि विवाद से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए प्रत्येक शनिवार को अंचल स्तर पर सुनवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इसमें संबंधित थानाध्यक्ष की अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है। इस कार्य की निगरानी अनुमंडल पदाधिकारी एवं संबंधित पदाधिकारियों द्वारा की जाएगी।

बैठक में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से संबंधित मामलों की समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि इन मामलों से संबंधित प्रतिवेदन समयबद्ध तरीके से प्रेषित किए जाएं, ताकि किसी प्रकार की लापरवाही न हो।

सड़क सुरक्षा को लेकर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में पूर्व में चिन्हित सभी ब्लैक स्पॉट पर आवश्यक सुधारात्मक कार्य किए जा चुके हैं। इन स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल, रंबल स्ट्रिप, स्पीड ब्रेकर एवं आवश्यक साइनेज लगाए गए हैं। इसके अलावा, चार नए ब्लैक स्पॉट की पहचान की गई है, जिन पर शीघ्र कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

जिलाधिकारी ने सड़क दुर्घटनाओं में पीड़ितों को शीघ्र राहत प्रदान करने के लिए हिट एंड रन मामलों में मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने ‘गुड सेमेरिटन’ योजना के तहत आम नागरिकों को जागरूक एवं प्रोत्साहित करने पर बल दिया। इस योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को तत्काल सहायता पहुंचाने तथा उन्हें अस्पताल तक ले जाने वाले व्यक्तियों को ₹10,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने मोटर वाहन अधिनियम के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ही सघन वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए जुर्माना वसूलने पर भी जोर दिया गया।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, संवेदनशीलता एवं सतर्कता बनाए रखने तथा आम जनता के सहयोग से सभी पर्वों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने की अपील की।

बिहार दिवस पर शहीद खुदीराम बोस स्टेडियम में होगा भव्य आयोजन, तीन दिवसीय कार्यक्रम की तैयारी l

बिहार दिवस पर शहीद खुदीराम बोस स्टेडियम में होगा भव्य आयोजन, तीन दिवसीय कार्यक्रम की तैयारी l
बिहार दिवस के अवसर पर 22 मार्च को स्थानीय शहीद खुदीराम बोस स्टेडियम में भव्य एवं आकर्षक समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष समारोह को खास बनाने के लिए तीन दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है, जिसमें सांस्कृतिक, शैक्षणिक, खेलकूद एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों का समावेश किया गया है। समारोह के सफल एवं सुचारु आयोजन करने हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मंगलवार को बैठक की गई तथा कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर समन्वय समिति स्थापित की गई है।
समारोह का शुभारंभ 22 मार्च की सुबह प्रभात फेरी के साथ होगा। इस प्रभात फेरी में जिले के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, प्रशासनिक पदाधिकारी, कर्मचारी तथा शहर के आम नागरिक बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। प्रभात फेरी के माध्यम से लोगों में बिहार दिवस के प्रति जागरूकता और उत्साह का संचार किया जाएगा। इसके उपरांत शाम 4:00 बजे समारोह का विधिवत उद्घाटन किया जाएगा, जिसमें जनप्रतिनिधियों, वरीय अधिकारियों एवं गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रहेगी।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर प्रदर्शनी सह बिक्री केंद्र का आयोजन किया जाएगा। इन स्टॉलों के माध्यम से सरकार द्वारा संचालित योजनाओं, उपलब्धियों एवं सेवाओं की जानकारी आम जनता तक पहुंचाई जाएगी। जिन विभागों द्वारा स्टॉल लगाए जाएंगे उनमें जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र, उद्योग विभाग, खादी, जीविका, किलकारी, बंदोबस्त कार्यालय, पंचायत कार्यालय, आपूर्ति कार्यालय, महिला एवं बाल विकास विभाग, कृषि विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग प्रमुख रूप से शामिल हैं। यह स्टॉल न केवल सूचना का माध्यम होंगे, बल्कि कई विभाग अपने उत्पादों एवं सेवाओं का प्रत्यक्ष प्रदर्शन और बिक्री भी करेंगे।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस दौरान एक नि:शुल्क मेडिकल कैंप भी आयोजित किया जाएगा। इस कैंप में आम लोगों के लिए बीपी, शुगर एवं आंखों की जांच मुफ्त में की जाएगी। साथ ही AES/JE जैसी गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विशेष जानकारी भी दी जाएगी। यह पहल आम नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

समारोह के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय कलाकारों, स्कूली बच्चों एवं सांस्कृतिक दलों द्वारा रंगारंग प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं एवं कला का प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे दर्शकों को एक अलग ही अनुभव प्राप्त होगा।

तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत खेलकूद गतिविधियों को भी शामिल किया गया है। इसमें बच्चों एवं आम नागरिकों के लिए विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें म्यूजिकल चेयर सहित अन्य खेलकूद गतिविधियां प्रमुख होंगी। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य लोगों में आपसी सहभागिता, उत्साह और मनोरंजन को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के अंतिम दिन 24 मार्च को प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों के बीच पुरस्कार वितरण किया जाएगा।

समारोह को सुचारू एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। जिलाधिकारी ने ट्रैफिक डीएसपी को निर्देश दिया है कि शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू एवं सुदृढ़ बनाए रखा जाए, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके साथ ही स्टेडियम परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु विभिन्न कार्यों के समयबद्ध निष्पादन के लिए कई समितियों का गठन किया गया है। प्रत्येक समिति में संबंधित विभागों के अधिकारियों को शामिल कर उनके दायित्व स्पष्ट रूप से निर्धारित किए गए हैं। इससे कार्यक्रम के हर पहलू पर बेहतर निगरानी और समन्वय सुनिश्चित किया जा सकेगा।

वहीं, समारोह के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती भी की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि बिहार दिवस का यह आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुरक्षित और यादगार बने।

कुल मिलाकर, इस वर्ष का बिहार दिवस समारोह न केवल भव्यता और आकर्षण का केंद्र होगा, बल्कि यह जिले के लोगों के लिए जागरूकता, मनोरंजन और सहभागिता का एक महत्वपूर्ण मंच भी साबित होगा।

जल-जीवन-हरियाली एवं कृषि टास्क फोर्स की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा, गुणवत्ता और उपयोगिता पर जोर l

जल-जीवन-हरियाली एवं कृषि टास्क फोर्स की बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा, गुणवत्ता और उपयोगिता पर जोर l 
जिले में संचालित विकास योजनाओं की प्रगति एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जल-जीवन-हरियाली तथा जिला कृषि टास्क फोर्स की संयुक्त बैठक का आयोजन समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों तथा संबंधित कर्मियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि मनरेगा के तहत जिले में अब तक 262 खेल मैदान एवं 72 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और उनके समुचित उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए ब्लॉक स्तर पर विशेष टीमों के गठन का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक के अधिकारियों—जैसे बीडीओ एवं बीपीआरओ—की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमित निरीक्षण कराया जाए, ताकि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनी रहे।
जिलाधिकारी ने उप विकास आयुक्त को निर्देशित किया कि सभी पूर्ण हो चुके आंगनबाड़ी केंद्रों को अविलंब संबंधित विभाग को हैंडओवर कर उन्हें क्रियाशील बनाया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण के बाद भवनों का सदुपयोग आवश्यक है, इसलिए समयबद्ध तरीके से इन्हें संचालित किया जाना चाहिए।

गर्मी के मौसम को देखते हुए जिलाधिकारी ने जल संरक्षण के उपायों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने सार्वजनिक कुओं के रिचार्ज की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में कुएं सूखने या अनुपयोगी (डेड) नहीं होने चाहिए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी करने और जल स्रोतों की गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया गया। साथ ही, कुओं के जीर्णोद्धार एवं उनके आसपास स्वच्छता बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने डीपीआरओ एवं बीपीआरओ को सार्वजनिक कुओं के जीर्णोद्धार हेतु टीम का गठन कर निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि सोख्ता निर्माण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि जल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके और भूजल स्तर में सुधार हो।

बैठक के दूसरे चरण में जिला कृषि टास्क फोर्स की समीक्षा की गई। इस दौरान फार्मर रजिस्ट्री अभियान की प्रगति पर चर्चा की गई । जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन किसान सलाहकारों ने जिला औसत या उससे अधिक उपलब्धि हासिल की है, उनके लंबित वेतन का भुगतान अविलंब किया जाए। वहीं, जिनकी उपलब्धि जिला औसत से कम है, उन्हें शो-काउज जारी किया जाए, ताकि कार्य में सुधार लाया जा सके।

जिलाधिकारी ने आत्मा (ATMA) योजना के कार्यों की समीक्षा करते हुए जिले में लीची सहित अन्य फलों के प्रिजर्वेशन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण की सुविधा विकसित की जाए तो किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य मिलेगा और फलों को अधिक समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और कृषि आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।

इसके अतिरिक्त, बैठक में पशुपालन विभाग की गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने प्रत्येक प्रखंड में संचालित मोबाइल पशु चिकित्सालय की अद्यतन स्थिति की जानकारी जिला पशुपालन पदाधिकारी से प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि इन मोबाइल इकाइयों को सक्रिय रूप से संचालित किया जाए, ताकि पशुपालकों को समय पर उपचार और आवश्यक सेवाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि पशुपालन क्षेत्र किसानों की आय बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता और जवाबदेही के साथ करें। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंचाना ही प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस प्रकार बैठक में विकास कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता नियंत्रण, जल संरक्षण, कृषि विकास तथा पशुपालन को लेकर कई महत्वपूर्ण कार्य की समीक्षा कर सुधार लाया गया, जिससे जिले में समग्र विकास को गति मिलेगी।

पटना , शिक्षा विभाग के सचिव ने बिहार दिवस 2026” के अवसर पर की जा रही तैयारियों का किया निरीक्षण l

पटना , शिक्षा विभाग के सचिव दिनेश कुमार ने पटना स्थित गांधी मैदान में 22 मार्च से आयोजित होने जा रहे “बिहार दिवस 2026” के अवसर पर की जा रही तैयारियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उपस्थित सभी संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि सभी तैयारियां समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कर ली जाएं, ताकि आयोजन भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप में संपन्न हो सके।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष “बिहार दिवस 2026” का थीम *“उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार”* निर्धारित किया गया है। इस अवसर पर पटना में तीन दिवसीय भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देशभर के सुप्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
22 मार्च को गांधी मैदान के मुख्य मंच पर बॉलीवुड गायिका सोना महापात्रा अपनी प्रस्तुति देंगी। वहीं, श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में पंडित जगत नारायण पाठक द्वारा ध्रुपद गायन प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त ओडिसी नृत्य के साथ श्रीमती रमिंदर खुराना एवं सुश्री प्राची पल्लवी साहू द्वारा समकालीन नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। रविन्द्र भवन में श्री कमलेश कुमार सिंह द्वारा लोकगीत तथा भिखारी ठाकुर की कालजयी रचना “गबरघिचोर” की नाट्य प्रस्तुति आयोजित होगी।
23 मार्च को गांधी मैदान के मुख्य मंच पर पार्श्व गायक शान अपनी प्रस्तुति देंगे। श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में सुदीपा घोष द्वारा “बुद्धचरित” पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की जाएगी। वहीं, रविन्द्र भवन में श्री सुरेंद्र शर्मा एवं उनकी टीम द्वारा हास्य कवि सम्मेलन तथा नाटक “वैजयंती” का मंचन किया जाएगा।
24 मार्च को गांधी मैदान के मुख्य मंच पर पार्श्व गायक पापोन अपनी प्रस्तुति देंगे। श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में डॉ. एन. विजयालक्ष्मी द्वारा भरतनाट्यम प्रस्तुत किया जाएगा, साथ ही सुश्री चंदन तिवारी द्वारा लोकगीत एवं डॉ. पाशा द्वारा “मिरैकल ऑन व्हील्स” की प्रस्तुति दी जाएगी। रविन्द्र भवन में श्री आलोक राज द्वारा ग़ज़ल एवं मुशायरा का आयोजन किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, गांधी मैदान में सांस्कृतिक पवेलियन में प्रतिदिन पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न 5 बजे तक स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं नुक्कड़ नाटक का मंचन किया जाएगा। शिक्षा पवेलियन में स्कूली बच्चों एवं शिक्षकों द्वारा शैक्षणिक प्रदर्शन, पुस्तक मेला तथा व्यंजन मेला आकर्षण का केंद्र रहेगा। वहीं, पर्यटन विभाग द्वारा बिहार की सांस्कृतिक धरोहर एवं विरासत का प्रदर्शन किया जाएगा तथा विभिन्न विभागों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
शिक्षा विभाग द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है तथा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कार्यक्रम में आने वाले दर्शकों एवं अतिथियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बिहार दिवस 2026 के इस आयोजन को ऐतिहासिक एवं यादगार बनाने हेतु विभाग पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।