जिला प्रभारी सचिव ने समाहरणालय में अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक l

जिला प्रभारी सचिव ने समाहरणालय में अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक l
जरूरतमंद उपभोक्ताओं को समयबद्ध एवं पारदर्शी रूप से एलपीजी/पीएनजी गैस एवं उर्वरक की निर्वाध आपूर्ति जारी रखने का निर्देश l
जिला प्रभारी सचिव -सह -प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार श्री विनय कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की गई। बैठक में जिले में एलपीजी (घरेलू एवं व्यावसायिक), पीएनजी गैस एवं उर्वरक के भंडारण, मांग, आपूर्ति तथा वितरण व्यवस्था की अद्यतन स्थिति की विस्तृत एवं गहन समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये।
बैठक में अवगत कराया गया कि IOCL के अंतर्गत 60 वितरक कार्यरत हैं, जिनकी औसत दैनिक बिक्री 13,920 सिलिंडर है। वर्तमान में इनके पास 18,439 भरे हुए सिलिंडर का स्टॉक उपलब्ध है, जबकि 9,980 सिलिंडर ट्रांजिट में हैं।
इसी प्रकार HPCL के 12 वितरकों द्वारा औसतन 3,018 सिलिंडर प्रतिदिन की आपूर्ति की जा रही है। इनके पास 2,558 भरे हुए सिलिंडर का स्टॉक उपलब्ध है तथा 3,896 सिलिंडर ट्रांजिट में हैं। वहीं BPCL के 19 वितरकों द्वारा औसतन 3,179 सिलिंडर प्रतिदिन की बिक्री की जा रही है, जिनके पास 3,920 भरे हुए सिलिंडर का स्टॉक है तथा 3,167 सिलिंडर ट्रांजिट में हैं। इस प्रकार तीनों कंपनियों के कुल 91 वितरकों के माध्यम से प्रतिदिन औसतन 20,117 सिलिंडर की आपूर्ति की जा रही है। कुल उपलब्ध भरे हुए सिलिंडरों की संख्या 24,917 है, जबकि 17,043 सिलिंडर परिवहन के दौरान हैं। प्रभारी सचिव ने ट्रांजिट में मौजूद सिलिंडरों की शीघ्र डिलीवरी सुनिश्चित करने को कहा।
व्यावसायिक एलपीजी आपूर्ति की समीक्षा में पाया गया कि IOCL के 60 वितरकों के माध्यम से औसतन 87 सिलिंडर प्रतिदिन की आपूर्ति हो रही है, इनके पास 739 सिलिंडर का स्टॉक उपलब्ध है। HPCL के 12 वितरकों द्वारा प्रतिदिन 300 सिलिंडर की आपूर्ति की जा रही है तथा इनके पास 300 सिलिंडर का स्टॉक है। वहीं BPCL के 20 वितरकों द्वारा 34 सिलिंडर प्रतिदिन की आपूर्ति की जा रही है और इनके पास 131 सिलिंडर का स्टॉक उपलब्ध है। कुल मिलाकर 92 वितरकों के माध्यम से 421 सिलिंडर प्रतिदिन की आपूर्ति की जा रही है तथा 1,170 सिलिंडर का स्टॉक उपलब्ध है।

बैठक में प्रभारी सचिव ने निर्देश दिया कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति होम डिलीवरी के माध्यम से समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को एजेंसी के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए तथा ऑनलाइन बुकिंग एवं डिलीवरी प्रणाली को सुदृढ़ किया जाए।
उन्होंने लंबित एवं बैकलॉग सिलिंडरों की संख्या को शीघ्र कम करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। 
ऑनलाइन बुकिंग सुविधा को और अधिक सुलभ बनाने के लिए IVRS, व्हाट्सएप एवं मिस्ड कॉल सेवाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए, ताकि उपभोक्ता आसानी से गैस बुकिंग कर सकें। प्रभारी सचिव ने आपातकालीन संचालन केंद्र का भी निरीक्षण किया तथा शिकायतों का जवाबदेही से समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण रूप से निष्पादन का निर्देश दिया।

पीएनजी गैस आपूर्ति की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में अब तक 32,341 मीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, जिसमें से 14,238 कनेक्शन सक्रिय हैं। शहरी क्षेत्रों में लगभग 10,000 उपभोक्ताओं को गैस आपूर्ति की जा रही है, जबकि 8,103 मीटर में एमडीपीई कनेक्टिविटी का कार्य प्रगति पर है। प्रभारी सचिव ने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन उपलब्ध है, वहां शीघ्र कनेक्शन प्रदान किए जाएं तथा औद्योगिक एवं व्यावसायिक इकाइयों को भी पीएनजी से जोड़ने की प्रक्रिया तेज की जाए।
पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन की स्थिति जिले में तेजी से प्रगति कर रही है। घरेलू (डीपीएनजी) कनेक्शन के लिए 35,628 आवेदन प्राप्त हुए हैं और 32,341 कनेक्शन तैयार हो चुके हैं। 
जिले में पीएनजी आपूर्ति के विस्तार के तहत 19 मोहल्लों में पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है और औद्योगिक क्षेत्र में भी 11 इकाइयों को जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त जिला नियामक स्टेशन (डीआरएस) की स्थापना को भी स्वीकृति मिल चुकी है, जिसमें पांच डीआरएस कार्यरत हैं।
एलपीजी आपूर्ति एवं विधि व्यवस्था की निगरानी के लिए प्रशासन द्वारा सख्त कदम उठाये गये हैं। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के शेरपुर स्थित बॉटलिंग प्लांट एवं संवेदनशील गैस एजेंसियों पर दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। साथ ही एलपीजी आपूर्ति की लगातार निगरानी एवं अनुश्रवण किया जा रहा है। जिलाधिकारी के निर्देश पर कालाबाजारी और अवैध भंडारण को रोकने के लिए जिले में व्यापक जांच अभियान चलाया गया । इस दौरान 64 गैस सिलेंडर जब्त किए गए और 8 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
 प्रभारी सचिव ने गैस गोदामों एवं बॉटलिंग प्लांट पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, जिला नियंत्रण कक्ष को 24x7 सक्रिय रखने एवं प्राप्त शिकायतों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
 उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से गैस एवं उर्वरक आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनेगी, जिससे आम उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं प्राप्त होंगी।

उर्वरक आपूर्ति के संदर्भ में प्रभारी सचिव ने कहा कि किसानों को समय पर एवं पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। कालाबाजारी / जमाखोरी की शिकायतों के विरुद्ध नियमित निरीक्षण एवं निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
उर्वरक उपलब्धता की स्थिति पर नजर डालें तो जिले में उर्वरक के पर्याप्त भंडार हैं तथा जरूरतमंद किसानों के बीच सुचारू रूप से वितरण किया जा रहा है। जिले में कुल 27,865 मीट्रिक टन उर्वरक का स्टॉक उपलब्ध है। यूरिया की कुल उपलब्धता 8,269.72 मीट्रिक टन है, जबकि डीएपी का स्टॉक 6,002.35 मीट्रिक टन है। इसी प्रकार एनपीकेएस उर्वरक की मात्रा 7,931.67 मीट्रिक टन, एसएसपी 3,147.1 मीट्रिक टन तथा एमओपी 2,505.89 मीट्रिक टन उपलब्ध है।
वेयरहाउस, थोक विक्रेता एवं खुदरा विक्रेताओं के स्तर पर उर्वरक का संतुलित वितरण सुनिश्चित किया गया है। 

बैठक में जिला पदाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री कांतेश कुमार मिश्रा, उप विकास आयुक्त श्री श्रेष्ठ अनुपम सहित गैस कंपनियों के प्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के वरीय अधिकारी उपस्थित थे।

शिवदाहा पैक्स अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने कहा कि बारिश व आंधी से किसानों को हुई क्षति पर मुआवजा मिले l

शिवदाहा पैक्स अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने कहा कि बारिश व आंधी से किसानों को हुई क्षति पर मुआवजा मिले l
दीपक कुमार। गायघाट 
प्रखंड के शिवदाहा पंचायत के महेशवारा गांव में रविवार को पैक्स अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने अपने आवास पर ग्रामीणों के साथ बैठक आयोजित किया। पैक्स अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने बताया कि बैठक के माध्यम से अतिवृष्टि व आंधी से हुई किसानों के फसलों की क्षतिपूर्ति की मांग बिहार सरकार से की गई। उन्होंने बताया कि किसानों ने विषम परिस्थितियों में भी अपने परिश्रम के साथ धन खर्च कर फसल तैयार किया था। आंधी व बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। गेहूं और मक्के की फसल बहुत बर्बाद हुई है।छह माह का परिश्रम बर्बाद हो जाने से किसान व उनके परिवार के लोग काफी हताश व मायूस हैं।

ऐसे में बिहार सरकार को फसलों के क्षतिपूर्ति की घोषणा यथाशीघ्र कर देनी चाहिए। अधिक वर्षा होने से खरीफ मौसम में तैयार फसल मक्का, ज्वार, बाजारा समाप्त हो गया है। वही धान, केला व सब्जी की खेती को भी काफी नुकसान पहुंचा है। बारिश से धान की फसल तो बर्बाद हुआ ही है।

मुजफ्फरपुर, अत्यंत धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा बिहार दिवस, तीन दिनों तक चलेगा उत्सव l

अत्यंत धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा बिहार दिवस, तीन दिनों तक चलेगा उत्सव l
बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा एवं विरासत पर आधारित गीत संगीत का होगा भव्य आयोजन l
प्रभात फेरी से लेकर प्रतियोगिताओं और स्टॉल प्रदर्शनी सह बिक्री केंद्र तक के विविध कार्यक्रमों की व्यवस्था l
जिले में बिहार दिवस 2026 का आयोजन विगत वर्ष की भांति अत्यंत धूमधाम, उत्साह और जनभागीदारी के साथ किया जाएगा। “उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार” थीम पर आधारित यह तीन दिवसीय समारोह 22 मार्च से शुरू होकर 24 मार्च तक चलेगा। जिला प्रशासन द्वारा इसकी व्यापक तैयारियां की गई हैं, ताकि इस आयोजन को यादगार बनाया जा सके और बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आमजन तक पहुंचाया जा सके।
समारोह का आगाज 22 मार्च को सुबह 7:00 बजे भव्य प्रभात फेरी के साथ होगा। यह प्रभात फेरी शहीद खुदीराम बोस स्टेडियम से प्रारंभ होकर इमलीचट्टी, सदर अस्पताल, एसपी कार्यालय होते हुए भारत माता नमन स्थल तक पहुंचेगी। प्रभात फेरी में स्कूली बच्चे, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा आम नागरिक बड़ी संख्या में भाग लेंगे। इस आयोजन के माध्यम से बिहार की गौरवशाली एवं समृद्धशाली परंपरा एवं विरासत को जन जन तक प्रचारित प्रसारित किया जाएगा।
बिहार दिवस को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले के सभी विद्यालयों में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विद्यालयों में प्रभात फेरी, बिहार गौरव गान तथा बिहार प्रार्थना गीत का आयोजन किया गया है। 
मुख्य समारोह का उद्घाटन 22 मार्च को शाम 5:00 बजे शहीद खुदीराम बोस स्टेडियम में किया जाएगा। उद्घाटन के अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित कुल 26 स्टॉल प्रदर्शनी सह बिक्री केंद्र लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों में जीविका, आईसीडीएस, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग (किलकारी), आपूर्ति विभाग, कृषि विभाग, पंचायत राज, उद्योग विभाग, खादी ग्रामोद्योग तथा कला एवं संस्कृति विभाग सहित अन्य विभाग अपनी योजनाओं और उपलब्धियों का प्रदर्शन करेंगे।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस अवसर पर आम नागरिकों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया जाएगा, जिसमें हाइपरटेंशन, शुगर सहित अन्य सामान्य बीमारियों की जांच की जाएगी। इसके अलावा जीविका और आईसीडीएस के संयुक्त प्रयास से व्यंजन मेला का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें बिहार के पारंपरिक, स्वादिष्ट और लजीज व्यंजनों की झलक देखने को मिलेगी। यह मेला लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
उद्घाटन समारोह के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में बिहार की लोक संस्कृति, परंपरा और विरासत पर आधारित गीत-संगीत और नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। स्कूली बच्चे और स्थानीय कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे, जिससे कार्यक्रम में रंगारंग माहौल बनेगा।
प्रखंड स्तर पर विभिन्न विद्यालयों से चयनित प्रतिभागियों के बीच 23 मार्च को जिला स्तर पर गणित ओलंपियाड, क्विज प्रतियोगिता एवं पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को बिहार की गौरवशाली परंपरा, समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से अवगत कराया जाएगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि वे विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के माध्यम से इन कार्यक्रमों का सफल संचालन सुनिश्चित करेंगे।समारोह के अंतिम दिन 24 मार्च को प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा। इस अवसर पर विजेताओं को प्रोत्साहित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की जाएगी।
जिला प्रशासन का उद्देश्य इस आयोजन के माध्यम से न केवल बिहार की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करना है, बल्कि विकास योजनाओं की जानकारी भी आम जनता तक पहुंचाना है। बिहार दिवस 2026 का यह आयोजन मुजफ्फरपुर में उत्सव, जागरूकता और सहभागिता का एक अद्भुत संगम साबित होगा।

गायघाट में अदा हुई ईद की नमाज:रोजा खोल अल्लाह का किया शुक्रिया l

गायघाट में अदा हुई ईद की नमाज:रोजा खोल अल्लाह का किया शुक्रिया l
दीपक कुमार | गायघाट
ईद उल-फितर, जिसे आमतौर पर ईद कहा जाता है, इस्लामी कैलेंडर के अनुसार रमजान के अंत में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण त्योहार है। 'ईद' का अर्थ 'खुशियां' है, जबकि 'उल-फितर' का अर्थ 'रोजा खोलना' होता है।
इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं। वे अल्लाह का आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने उन्हें पूरे रमजान महीने के रोजे रखने की शक्ति प्रदान की। गायघाट थाना प्रभारी राकेश कुमार और बेनीबाद थाना प्रभारी साकेत सार्दुल के देख रेख में लोगों ने अदा किया नमाज।
यह त्योहार मुख्य रूप से रोजे पूरे करने की खुशी में मनाया जाता है। रोजा रखने के बाद मिलने वाली संतुष्टि और खुशी ही ईद के उत्सव का आधार है।

गायघाट कांड में केंद्रीय मंत्री सह सांसद पीड़ित के घर पहुंच कर सांत्वना दिया l

गायघाट कांड में केंद्रीय मंत्री सह सांसद पीड़ित के घर पहुंच कर सांत्वना दी l
पुलिस की गोली लगने से हुई थी मौत 
दीपक कुमार। गायघाट 
मुजफ्फरपुर लोकसभा क्षेत्र के गायघाट चोरनियां गांव में मृतक जगतवीर राय के परिजनों से केंद्रीय मंत्री सह सांसद डॉ राजभूषन चौधरी निषाद ने मिलकर सांत्वना दिया। पुलिस प्रशासन से बात कर न्यायोचित कार्यवाही का आदेश दिया। 
एनडीए सरकार में कानून व्यवस्था से ऊपर कोई भी नहीं चाहे अपराधी कोई भी हो, दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित है।